HimachalKangra

अपने बच्चों की अर्थी उठती देख बिलख पड़े परिजन, आधा दर्जन गांवों में नहीं जला एक भी चूल्हा

nn

नूरपुर का स्कूल बस हादसा कभी न भूलने वाले जख्म दे गया है। हादसे की चीखें क्षेत्र के साथ लगते छह गांवों में भी सुनाईं दीं। हादसे से इन गांवों में मातम पसरा हुआ है। नूरपुर बस हादसे में 23 बच्चों समेत 27 की मौत हो गई। हादसे के बाद से ही मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। मंगलवार को मासूमों के शव गांव पहुंचते ही हर ओर चीखो-पुकार का माहौल था।

अपने जिगर के टुकड़ों की अर्थी उठती देख परिजन बिलख पड़े। नुरपुर के साथ लगते छह गांवों में परिजन गम में डूबे हैं। हादसे के चलते जहां पुहाड़ा गांव के दस परिवारों में मातम छाया, वहीं ठेहड़ के तीन परिवार भी चीखो-पुकार से अछूते नहीं रहे। सुल्याली, कुंडरा, कुलाहड़ और नेरा गांव को भी बस हादसा कभी न भूलने वाले जख्म दे गया है। हादसे के कारण पुहाड़ा गांव में एक साथ दस घरों में मातम छा गया है।

मासूमों की मौत पर जैसे भगवान भी रोया। बारिश की फुहारों के बीच परिजनों ने अपने जिगर के टुकड़ाें को अंतिम विदाई देने के लिए घरों को रवाना हुए। कांगड़ा नगर परिषद मैदान में  मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा गया। बच्चों की दर्दनाक मौत के कारण जसूर, नूरपुर के बाजार पूरी तरह बंद रहे।

मासूमों की दर्दनाक मौत से आधा दर्जन गांवों में एक भी चूल्हा नहीं जला। हर गांव में मातम का माहौल है। गांव में घरों में ताले लटके हैं। ठेहड़ गांव के सुधीर ने घर का इकलौता चिराग तरूण शर्मा को खो दिया। ठेहड़ पंचायत श्मशान प्रतीत हो रही है। अपने जिगर के टुकड़े की अर्थी निकलती देख मां घर के गेट पर बिलखने लगी। अन्य महिलाओं ने सहारा दिया।

nurpur-bus-accident

वहीं दो सगे भाइयों ने अपने चारों बच्चे खो दिए। हादसे में खुआड़ा गांव के सगे भाई नरेश और राजेश के परिवार उजड़ गए। दोनों के एक-एक बेटा और बेटी थी। सूचना के अनुसार 19 बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया और पांच साल से कम के तीन बच्चों को दफनाया गया। वहीं हादसे में मारी गई लड़की की मई में होनी थी शादी। लड़की ने हादसे से पहले इस बस में लिफ्ट ली थी।

मासूमों को अंतिम विधाई देने के लिए परिजनों के साथ गावों के लोग उमड़ पड़े। ठेहड़ और हार गांव के चार मासूमों की चिताएं एक साथ जली। इससे पहले सुबह नुरपुर अस्पताल में मृतक बच्चों का पोस्ट मार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद मृतक बच्चों का अंतिम संस्कार हुआ।

नूरपुर अस्पताल में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सांसद शांता कुमार, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर और विधायक राकेश पठानिया पहुंचे हुए थे। सीएम समेत सभी नेताओं ने शवों पर पुष्पहार चढ़ाकर बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने व्यथित परिजनों से संपर्क कर उन्हें सांत्वनाएं दी।

Loading...
loading...

Leave a Reply