Shimla

अब नहीं काटने पड़ेंगे परिवहन विभाग के चक्कर, गाड़ी की रजिस्ट्रेशन डीलर ही करवाएंगे

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प्रदेश में बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए तीन बड़े जिलों में नई व्यवस्था लागू की जा रही है। धर्मशाला, मंडी और शिमला में जल्द ही ई-आरटीओ सिस्टम लागू कर सारे काम को ऑनलाइन किए जाएंगे। प्रदेश में नए वाहनों की खरीद के बाद उनकी रजिस्ट्रेशन के लिए अब वाहन चालकों को परिवहन विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब वाहन डीलरों द्वारा ही वाहन की रजिस्ट्रेशन भी की जाएगी। बता दें कि परिवहन विभाग राज्य में ट्रांसपोर्ट सेवाओं में बड़ा सुधार लाने के लिए काम कर रहा है। 
लोगों को राहत देने के लिए ई-आरटीओ सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत राजधानी शिमला सहित धर्मशाला व मंडी  से की जा रही है। इतना ही नहीं, अब आने वाने दिनों में वाहनों का पंजीकरण भी वाहन बेचने वाले डीलरों के पास ही हो जाएगा, जिससे वाहन खरीदने वालों की आधी टेंशन कम हो जाएगी। आरटीओ कार्यालय में मात्र कामर्शियल और आर्मी कैंटीन से खरीदे गए वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। वाहन डीलरों के पास होने वाले रजिटे्रशन के रिकार्ड का रखरखाव भी संबंधित एजेंसी को ही करना होगा। प्रक्रिया संबंधित कंपनी और एजेंसी करेगी, लेकिन वाहन के कागजात की फाइल अप्रूवल संबंधित आरटीओ से ही होगी, ताकि इस प्रक्रिया पर पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण बना रहे। 
परिवहन विभाग ने एजेंसी व डीलरों को नई व्यवस्था अपनाने के लिए निर्देश दे दिए हैं।  आरटीओ कांगड़ा डा. मेजर विशाल शर्मा का कहना है कि परिवहन विभाग में ई-आरटीओ सिस्टम आने से वाहन मालिकों एवं कार्यालय स्टाफ को काम करने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि निजी बसों में भी टिकट देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे टिकट वितरण में मनमानी रुकेगी।
डीलर ही करवाएंगे गाड़ी की रजिस्टे्रशन
राज्य के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में बस परिचालकों की मनमानी को रोकने के लिए अब टिकट देना अनिवार्य बनाया जा रहा है। इसके लिए निजी बस आपरेटरों को एचआरटीसी की तर्ज पर टिकट मशीनें खरीदने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था से जहां उपभोक्ताआें को सुविधा होगी, वहीं बस मालिकों को भी पूरा हिसाब ऑनलाइन मिल पाएगा। हालांकि राज्य में सभी बस परिचालकों को टिकट देना पहले ही अनिवार्य है, लेकिन उचित व्यवस्था न होने से परिचालक मनमाने ढंग से कहीं रियायत दे देते हैं और कहीं निर्धारित किराए से अधिक भी वसूल लेते हैं।

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