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आजादी के 70 साल बाद भी उफनती खड्ड पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

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आजादी के 70 साल बाद भी उफनती खड्ड पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

मंडी। जिले की सदर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सैण अलाथू पंचायत के स्कूली बच्चों को रोजाना उफनती खड्ड को पार करके स्कूल जाना पड़ता है। यहां पर पुल बनवाने की मांग लम्बे समय ले चली आ रही है लेकिन अभी तक इसकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि पुल का एस्टीमेट बन चुका है और अब बजट के आने का इंतजार है।

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ग्राम पंचायत सैण अलाथू में पुल न होने से स्कूली बच्चों से लेकर स्थानीय लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर उफनती खड्ड को पार करना पड़ता है जिसमें जान का जोखिम भी है।


आपको बता दें कि सैण अलाथू पंचायत के साई और अलाथू गांव में लगभग 300 की आबादी रहती है। यहां के बच्चों को स्कूल जाने के लिए रत्तीपुल और रंधाड़ा जाना पड़ता है। भले ही बच्चे घर से नहा धोकर स्कूल के लिए निकलते हों लेकिन रास्ते में उन्हें रत्ती खड्ड के बहते पानी में अर्धस्नान करना ही पड़ता है।

जो लोग जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार नहीं करना हैं, उन्हें दस किलोमीटर का चक्कर काटकर रंधाड़ा पहुंचना पड़ता है। अभिभावकों की यह दिनचर्या बन चुकी है कि सुबह बच्चों को खड्ड पार करवाकर स्कूल भेजते हैं और शाम को वापिस घर पहुंचाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर फुटब्रिज की मांग वह लंबे समय से करते आ रहे हैं जिसकी अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।

बता दें कि यह इलाका पहले बल्ह विधानसभा क्षेत्र में था। बीते चुनावों के दौरान यह इलाका सदर विधानसभा क्षेत्र में शामिल किया गया। सैण अलाथू पंचायत की प्रधान कौरा देवी ने बताया कि पुल निर्माण का 36 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार करके मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया गया है और पैसा आते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इधर, स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल शर्मा ने जो मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भेज कर अन्य विकास कार्यों के साथ साथ इस पुल के लिए भी 36 लाख रुपए का बजट मांगा है।

Source – eenaduindia

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