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ओलावृष्टि ने बरपाया कहर, फ़सलें हुई तबाह, कुछ क्षेत्रों में फिर हो सकती है बारिश

ओलावृष्टि ने बरपाया कहर
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ओलावृष्टि ने बरपाया कहर, फ़सलें हुई तबाह, सफेद हुईं सड़कें – पिछले दो दिनों से हुई लगातार बारिश से पुरे प्रेदश में भरी नुकसान हुआ।  राजधानी शिमला में जमकर बारिश और ओलावृष्टि हुई। शहर में दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से सड़कें और घरों-दफ्तरों की छतें सफेद हो गईं। प्रदेश में बिगड़े मौसम के चलते मंगलवार को रोहतांग दर्रा में एक फीट बर्फबारी रिकॉर्ड हुई। मई महीने में भी हिमाचल में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को खराब मौसम के चलते कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। कई निजी स्कूलों में बुधवार और वीरवार को छुट्टी कर दी गई है।

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पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश-ओलावृष्टि होने से प्रदेश के अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट आई है। सोमवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस में रिकॉर्ड किया गया। शिमला शहर में मंगलवार को दिन भर मौसम खराब रहा। शहर में रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि होने का दौर जारी रहा। दोपहर करीब एक बजे शिमला में अंधेरा छा गया। ओलावृष्टि होने से शहर सफेद हो गया।

उधर, लाहौल घाटी समेत रोहतांग दर्रा में मंगलवार को दूसरे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। रोहतांग दर्रा में मंगलवार को 30 सेंटीमीटर से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई। लाहौल घाटी के विभिन्न हिस्सों में 15 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा में दूसरे दिन भी बर्फबारी के चलते आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। कोकसर और सिस्सू के बीच भी दोपहर बाद यातायात ठप हो गया।

जनजातीय क्षेत्र भरमौर की ऊपरी पहाड़ियों में चार से लेकर छह सेंटीमीटर, किहार की ऊपरी चोटियों में दो से लेकर तीन सेंटीमीटर, जनजातीय क्षेत्र पांगी की ऊपरी पहाड़ियों में आठ से दस सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है।

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