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कांग्रेस पर जयराम सरकार का एक और वार, भाजपा सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव पारित

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चंबा। निचली संसद की पंचायत समिति पर काबिज कांग्रेस को नई सरकार ने एक और झटका दिया है। पंचायत समिति चंबा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ भाजपा समर्थित सदस्यों की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है और दोनों पदों पर विराजमान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की छुट्टी कर दी गई है।

समिति के दस सदस्यों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी सहमति की मुहर मंगलवार को लगा दी। लिहाजा अब सात दिनों के भीतर पंचायत समिति की बैठक बुलाकर नए सिरे से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर चुनावी प्रक्रिया होगी। जिसके लिए डीसी चंबा ने तहसीलदार चंबा को प्रजाइडिंग ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया है। खबर की पुष्टि जिला पंचायत अधिकारी अश्वनी शर्मा ने की है।

बता दें कि 17 जनवरी को भाजपा समर्थित 11 सदस्यों ने पंचायत समिति चंबा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जिला पंचायत अधिकारी को सौंपा था और उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की थी। जिस पर पंचायत समिति ने तय पंचायती राज एक्ट के तहत आगामी कार्रवाई करने की बात कही थी। इस कड़ी में मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत समिति की बैठक बुलाई गई।

इस बैठक में भाजपा समर्थित 10 सदस्यों ने इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करते हुए अपनी सहमति की मुहर लगा दी है। बैठक में दस सदस्य ही मौजूद रहे। अलबत्ता विश्वास प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद पंचायत राज विभाग की ओर से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को पद से हटाने की अधिसूचना भी जारी कर दी है।

गौरतलब है कि पंचायत समिति चंबा पर कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर काबिज थे। प्रदेश में सता परिर्वतन के बाद जिला चंबा में भाजपा ने निचली संसद की संस्थाओं पर कब्जा जमाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भाजपा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकाल में हुई पंचायत समितियों की चुनावी प्रक्रिया में भाजपा समर्थित सदस्यों की संख्या अधिक थी। लेकिन सत्ता का रौब दिखाते हुए कांग्रेस ने समिति सदस्यों को अपने पक्ष में मतदान करवाया था। लिहाजा कांग्रेस के समय हुई इस ज्यादती को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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