Himachal

चंबा बस हादसे को लेकर गुस्साए घायलों ने विधायकों को लताडा, अस्पताल प्रशासन की भी खोली पोल

nn
loading...
Image result for लूणा बस हादसा
चंबा बस हादसे को लेकर गुस्साए घायलों ने विधायकों को लताडा, अस्पताल प्रशासन की भी खोली पोल – चंबा  बस हादसे के घायलों का गुस्सा शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में उनका कुशलक्षेम पूछने पहुंचे विधायकों के समक्ष फूट पड़ा. घायलों ने अस्पताल की व्यवस्था का मामला विधायकों के सामने उठाया.

बता दें कि बुधवार को भरमौर विस क्षेत्र के लूणा-छतराडी लिंक रोड पर एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 62 यात्री उपचाराधीन हैं. वहीं, हादसे के बाद घायलों का हाल जानने के लिए शुक्रवार को भरमौर-पांगी के विधायक जिया लाल और चंबा सदर के एमएलए पवन नय्यर चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे. जिस दौरान घायलों ने अस्पताल प्रबंधन पर अव्यवस्था और स्टाफ पर बदसलूकी का आरोप लगाए.

घायलों ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद एक्स-रे तक नहीं किए गए थे. वहीं, जब एक्स-रे किए गए तो उसके बाद अभी तक जांच नहीं की गई है और न ही दवाईयां दी गई हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल के बेड्स में खटमल हैं और शौचालय भी ब्लॉक हैं और यहां हर तरफ गंदगी का माहौल बना हुआ है.

मरीजों के साथ आए उनके तामीरदारों ने आरोप लगाया कि बस हादसे के घायलों की बेड शीट्स खून से लथपथ हो गई थी. उन्होंने कहा कि जब अस्पताल प्रबंधन को विधायकों के यहां पहुंचने की सूचना मिली फिर अफरा-तफरी में बेड शीट्स चेंज की गई और शौचालयों की हालत भी सुधारी गई

हादसे में घायल कूंर पंचायत के उपप्रधान ने कहा कि हादसे के बाद उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में वहां पर मौजूद लोगों ने मदद की. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक्स-रे के बाद दूसरा दिन हो गया है, लेकिन अभी तक कोई जांच नहीं की गई है और न ही कोई दवाई दी गई है. उपप्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल स्टाफ घायलों के साथ बदसलूकी करता है.

उपप्रधान ने अस्पताल में विधायकों के आने को भी राजनीति से प्रेरित करार दिया है. उन्होंने कहा कि जिस सड़क पर दुर्घटना हुई है, वो रोड पीडब्ल्यूडी की ओर से अभी पास नहीं किया गया है और उसकी हालत खराब है. फिर भी बावजूद इसके बस इस रोड पर चलती रही और कोई कार्रवाई नहीं की गई.

लोगों ने कहा कि उक्त क्षेत्र के लिए तीन महीने से बस सेवा बंद पड़ी है. उन्होंने बताया कि बस रूट प्राईवेट ठेकेदारों को बेच दिए गए हैं. लोगों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक रोड पर बस चलाने के लिए पीडब्लयूडी की एनओसी नहीं दी जाती तब तक यहां बस सेवा नहीं चलने दी जाएगी.