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जयराम ठाकुर की इस खासियत से हिमाचल में थम गई टोपियों की सियासत

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शिमला। हिमाचल की सत्ता संभालने के बाद जयराम ठाकुर ने कई मंचों से ये कहा था कि वे मुख्यमंत्री के पद पर नए हैं और कुछ नया करना चाहते हैं। अभी जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री का पद संभाले हुए दो महीने से कुछ ही अधिक दिन का समय हुआ है, लेकिन उनकी एक खासियत समूचे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी है।

जयराम ठाकुर ने कहा था कि वो टोपियों की सियासत में विश्वास नहीं रखते और एक नई शुरुआत करेंगे। तो, जयराम ठाकुर ने टोपियों की सियासत में न फंसते हुए वाकई नई शुरूआत की है। वे अकसर बिना टोपी पहने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। कई दफा वे मैरून रंग की पट्टी वाली टोपी पहनते भी दिखाई दिए। मैरून रंग की टोपी को हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल के साथ जोड़ा जाता है।

लेकिन उस समय लोग अचंभित रह गए, जब जेपी नड्डा के राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद एक समारोह में जयराम ठाकुर हरे रंग की पट्टी वाली किन्नौरी टोपी में नजर आए। इस रंग की पट्टी वाली टोपी को कांग्रेस व वीरभद्र सिंह के साथ जोड़ा जाता है। चुनाव में जीत के बाद से ही हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के सीएम बनने की चर्चा थी।

जिस समय पीटरहॉफ में केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने जयराम ठाकुर के नाम का सीएम पद के लिए ऐलान किया, वे उस समय कोई टोपी नहीं पहने हुए थे। बाद में कार्यकर्ताओं व समर्थकों के जश्न के दौरान भी उन्होंने टोपी नहीं पहनी। फिर आया शपथ ग्रहण का समारोह, उस दौरान भी जयराम ठाकुर ने कोई टोपी नहीं पहनी। अभी-अभी जेपी नड्डा के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने पर जयराम ठाकुर ने हरी पट्टी वाली किन्नौरी टोपी पहनी।

ये उस समय का वाकया है, जब पीटरहॉफ में जेपी नड्डा के फिर से निर्वाचित होने पर समारोह किया गया। इससे पहले विधानसभा परिसर में एसएमसी शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में उन्होंने मैरून कलर की टोपी पहनी थी। अपने गृह क्षेत्र सिराज के दौरे पर गए जयराम ने मैरून रंग की पट्टी वाली टोपी लगाई थी। इससे पहले प्रेम कुमार धूमल की सरकार के समय वे हर समय मैरून रंग की टोपी पहने रहते थे।

इसी प्रकार वीरभद्र सिंह के दौर में हरे रंग की पट्टी वाली टोपी पहनने का चलन था। हिमाचल में इसे टोपियों की सियासत कहा जाता था। सत्ता परिवर्तन के साथ ही यहां टोपियों का रंग भी बदल जाता था। सत्ताधारी दल के साथ निष्ठा जताते हुए बहुत से लोग उसी रंग की टोपी पहन लेते थे।

अब जयराम ठाकुर ने इस परंपरा पर विराम लगा दिया है। यहां तक कि जयराम ठाकुर का फेसबुक पेज भी इसकी पुष्टि करता है। उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर जयराम ठाकुर की फोटो बिना टोपी के है। उस पेज पर सीएम की विभिन्न आयोजनों में पहनी गई टोपियों के रंग दिखते हैं, साथ ही वे बिना टोपी के भी दिखते हैं।

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