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जानिए हिमाचली ‘नीरव मोदी’ के बारे में, 6 हजार करोड़ का चूना लगा कर 4 साल से है अंडरग्राउंड

जानिए हिमाचली 'नीरव मोदी' के बारे में, 6 हजार करोड़ का चूना लगा कर 4 साल से है अंडरग्राउंड

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हिमाचल सरकार को करीब 2100 करोड़ का चूना लगाने वाली इंडियन टेक्नोमेक कंपनी के बड़े पैमाने पर घोटाले उजागर हो रहे हैं। यही नहीं पांवटा साहिब उपमंडल के माजरा में स्थित इंडियन टेक्नोमेक कंपनी का मालिक राकेश कुमार करीब 6 हजार करोड़ रुपये डकार कर विदेश भाग चुका है।

जानकारी के अनुसार कंपनी का प्रबंध निदेशक राकेश करीब 4 साल से अंडरग्राउंड है। जब से पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी सहित मेहुल चोकसी के नाम आया है, हिमाचल के इस घपलेबाज का केस भी चर्चा का विषय बना है। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि राकेश कुमार के खिलाफ भी प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई शुरू हो सकती है। हालांकि इसके लिए पहले राज्य सरकार के आबकारी व कराधान विभाग तथा केंद्र सरकार के बीच कुछ औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।

बता दें कि इस कंपनी ने एक ओर जहां हिमाचल सरकार को करीब 2100 करोड़ का चूना लगाया है। वहीं, दूसरी तरफ बैंक ऑफ बड़ौदा के 2300 करोड़, आयकर विभाग के करीब 1000 करोड़ के अलावा श्रम विभाग, बिजली बोर्ड समेत कई विभागों को करोड़ों का चूना लगाया है।

यहां यह भी बता दें कि कंपनी के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार पर विभाग की लगभग 2500 करोड़ की देनदारी है। जबकि आयकर विभाग की देनदारी करीब 1000 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा बैंकों की राशि का भी प्रबंध निदेशक ने फ्रॉड किया हुआ है। 2013 में आयकर विभाग ने कंपनी के देशभर में फैले ठिकानों पर दबिश दी थी।

बता दें कि 2014 में आबकारी व कराधान विभाग के इक्नोमिक इंवेस्टीगेशन यूनिट ने कंपनी के बड़े फ्रॉड को भी पकड़ा था। इसमें टर्नओवर को कई गुणा बढ़ाकर तो दिखाया जा रहा था, लेकिन असल में कोई भी उत्पादन नहीं हो रहा था। सेल्स टैक्स की चोरी के अलावा फ्रॉड तरीके से औद्योगिक पैकेज का भी फायदा लिया जा रहा था। बैंकों से ली गई राशि का इस्तेमाल बेनामी सौदों में किया गया। इस कंपनी में एक सेवानिवृत आईएएस अधिकारी के बेटे को भी निदेशक बनाया गया था।

उधर, एक्ससाइज विभाग की मानें तो ईडी को मामला सौंपने से पहले प्रदेश के किसी भी थाने में एफआईआर लाजमी है। ऐसे में पहले एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसके बाद सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही मामला ईडी को सौंपा जा सकता है।

300 करोड़ के आसपास हो सकती है प्रॉपर्टी
विभागीय सूत्रों के अनुसार सिरमौर में कंपनी की संपत्ति की वैल्युएशन की जिम्मेदारी हिमकॉन को सौंपी गई है। जल्द ही रिपोर्ट मिल सकती है। प्रॉपट्री की वैल्युएशन की जिम्मेदारी हिमकॉन को सौंपने जाने का मामला ईनाडु इंडिया ने सबसे पहले प्रमुखता से उठाया था। वहीं माना जा रहा है कि प्रापर्टी की कीमत पौने 300 करोड़ के आसपास हो सकती है।

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