HimachalMandi

दसवीं पास है नकली नोट छापने वाले रैकेट का मास्टर माइंड, खपा दिए लाखों के नकली नोट

fake-currency-master-mind
nn
loading...
हिमाचल के जिला में मंडी में नकली नोट छापने के रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद हड़कंप मच गया है। पकड़े गए रैकेट के सरगना समेत तीन लोगों ने पुलिस पूछताछ में कई सनसनीखेज  खुलासे किए हैं। आरोपी प्रदेश भर में लाखों के 500 और 200 रुपये के नकली नोट खपा चुके हैं। यह रैकेट पिछले कई महीनों से सक्रिय था।

आरोपी असली नोट को स्कैन कर नकली प्रिंट करते थे। उन्होंने एक ही सीरीज के कई नोट छाप दिए थे। इस खुलासे के बाद लीड बैंक पीएनबी ने सूबे के सभी बैंकों को अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कितने और कहां- कहां सुर्कलेट हुए हैं।

इसी बीच, सोमवार देर रात रैकेट के सरगना गुरदेव सिंह के घर से महंगा प्रिंटर, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, फोन और कुछ दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। इन्हें फोरेंसिक जांच को भेजा गया है। इसके अलावा सौ के करीब 500, 200 और 100 नकली नोट बरामद हुए हैं।

अब आरोपियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार सरगना गुरदेव सिंह अपने घर मंडी से कई महीनों से रैकेट चला था। जांच में पता चला है कि शातिर हाई क्वालिटी के प्रिंटर में साधारण ए 4 साइज के पेपर में नकली नोट छाप रहे थे।

मुख्य आरोपी शातिरों को खुद नोटो के सैंपल दिखाता था और सौदा तय करता था। तीस हजार असली करेंसी के बदले 45 हजार के नकली नोट दे दिए जाते थे। कुल्लू के भाग सिंह और रंधाड़ा निवासी कारोबारी निधि सिंह नोट सप्लाई करने और उन्हें बाजार में खपाने का काम करते थे।

दसवीं पास है नकली नोट छापने वाले रैकेट का मास्टर माइंड

बाजार में तो उन्होंने नए नोट खपा दिए लेकिन इसके बाद पीएनबी भंगरोटू की शाखा में लगी कैश डिपॉजिट मशीन में 500 के 33 नकली नोट जमा करवाए। मशीन ने नोट ले लिए, लेकिन वे यह नहीं जानते थे मशीन ने नकली नोटों की पहचान कर इन्हें अलग कर दिया था। इसी चक्कर में ये शातिर फंस गए और पकड़े गए।

बैंक में नोट चलाने का उनका पहला ही ट्रायल था। पंजाब नेशनल बैंक मंडी के मैनेजर टीआर रांटा ने कहा कि यह मामला सामने आने के बाद तमाम बैंकों को अलर्ट जारी कर दिया है। एसपी मंडी गुरदेव चंद का कहना है कि आरोपी ने 11 फरवरी को एक नया प्रिंटर खरीदा था। इससे पहले नोट कैसे प्रिंट करते थे इसकी जांच जारी है।

नकली नोट छापने वाला मास्टर माइंड गुरदेव सिंह महज दसवीं पास है। आरोपी सौलीखड्ड में अपना कारोबार चलाता है। आरोपी नई करंसी के साथ ही पुरानी करंसी को भी बखूबी छाप रहा था।

पीएनबी ब्रांच में नकली नोट जमा कराने वाला आरोपी निधि सिंह जमा दो पास जबकि कुल्लू निवासी भाग सिंह खुद को अनपढ़ बता रहा है। भाग सिंह पूरी तरह से कर्ज में डूबा हुआ है। इसी के चक्कर में वह कुल्लू की बजाय मंडी में रहता था।

शातिरों की योजना नकली नोटों को बैंक में चलाने की थी। साथ ही नकली नोट खपाने का नेटवर्क खड़ा करना चाहते थे। यदि इसमें उन्हें कामयाबी मिलती तो शातिर आसानी से नकली करंसी बैंक में खपा सकते थे।

लेकिन पहला ट्रायल ही शातिरों पर भारी पड़ गया। कुल्लू निवासी भाग सिंह ने रंधाड़ा निवासी कारोबारी निधि सिंह को बैंक में नोट चलाने के लिए दिए थे।

गिरफ्तारी के दौरान भाग सिंह के पास पुलिस ने पांच सैंपल नोट भी बरामद किए हैं। मंडी, बिलासपुर और कुल्लू के कुछ कारोबारियों समेत हिस्ट्रीशीटर भी पुलिस की जांच के दायरे में है।

loading...

Leave a Reply