PoliticsShimla

पूर्व सरकार में हुई इन भर्तियों पर गिर सकती है गाज, जयराम सरकार आज ले सकती है बड़ा फैसला

nn
loading...

अपने सात दिवसीय कांगड़ा प्रवास के बाद आज सीएम जयराम ठाकुर मंत्रियों से बैठक करेंगे। हाल ही में केंद्र सरकार के पेश किए बजट के बाद इस कैबिनेट मिटिंग में हिमाचल बजट पर चर्चा होगी। साथ ही पूर्व की वीरभद्र सरकार के कई फैसलों को भी रिव्यू करेगी।

कैबिनेट बैठक में पूर्व सरकार के समय की गई भर्तियों पर फैसला लिया जा सकती है। पूर्व सरकार के समय एचआरटीसी में की गई 1300 कंडक्टरों की भर्ती को शुरू से ही नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है। विपक्ष में रहते हुए बीजेपी इस पर कई बार सवाल भी उठा चुकी है। अब बीजेपी सरकार सता में हैं ऐसे में कंडक्टर भर्ती पर कोई फैसला लिया जा सकता है।

एचआरटीसी के साथ ही जयराम सरकार पुलिस भर्ती पर भी फैसला ले सकती है। अब सरकार ने ये तय करना है कि इसके लिए साक्षात्कार लिया जाए या नहीं। बताया जा रहा है कि जयराम सरकार इस मामले में अध्यादेश लाने का फैसला भी ले सकती है

पूर्व सरकार में खुले शिक्षण संस्थानों पर जयराम ठाकुर कर सकते  है फैसला 

पूर्व की कांग्रेस सरकार में बिना बजट के खोले गए कॉलेजों और अपग्रेड किए गए स्कूलों पर भी ताला लग सकता है। अप्रैल 2017 के बाद कांग्रेस ने प्रदेश में 16 नए डिग्री कॉलेज खोले हैं, जबकि 3 निजी कॉलेजों का अधिग्रहण किया गया है।

बता दें कि विद्यार्थियों की इनरोलमेंट शून्य होने के कारण इनमें से आठ कॉलेज अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। जबकि सात कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या 19 से 121 के बीच ही है। सिर्फ कांगड़ा जिले के मटौर में खुले कॉलेज में छात्रों की संख्या 440 है।

पूर्व सरकार द्वारा खोले गए सीएचसी, पीएचसी और डिस्पेंसरी जैसे स्वास्थ्य संस्थानों पर विचार होगा। कांग्रेस सरकार के समय खोले गए करीब 107 संस्थान ऐसे हैं, जिनको सरकार ने अब रिव्यू करना है। स्वास्थ्य क्षेत्र के अन्य फैसलों में मेडिकल कॉलेज में सेवानिवृत डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया और बिना इंटरव्यू के डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। कैबिनेट मीटिंग काफी लंबी चलेगी।

उद्योगों को टैक्स में राहत देने पर विचार
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में उद्योगों को टैक्स में राहत देने पर भी विचार कर सकती है। इसी दौरान उद्योग विभाग कैबिनेट के समक्ष प्रेजेंटेशन भी देगा। बैठक में स्टोन क्रशरों को लेकर कुछ फैसला भी संभव है। क्रशरों से 100 करोड़ से अधिक की वसूली अभी लंबित है।

बजट सत्र पर भी हो सकती है चर्चा
बजट सत्र के लिए भी सरकार मंत्रणा कर सकती है। केंद्र से हिमाचल को रेलवे में निराशा मिली है जिसके बाद अब जयराम सरकार पर जनता की निगाहें टिकी है। देखना है कि अब जयराम सरकार अपने पिटारे से प्रदेश की जनता के लिए क्या निकालती है। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक सेहत बेहद चिंताजनक है। राज्य पर करीब 47 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। 70 लाख से अधिक की आबादी वाले प्रदेश में 10 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हैं।

बेहतर सुझाव देने वालों को नवाजेगी सरकार 
बजट सत्र से पहले राज्य सरकार ने जनता से सुझाव भी मांगे हैं। बेहतर सलाह देने वाले को बकायदा नगद ईनाम से नवाजा जाएगा । हिमाचल की आर्थिक स्थिति, संसाधनों और नवीन योजनाओं पर सर्वोत्तम सुझाव देने वालों को सरकार 25 हजार व 15 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा।

Loading...
loading...

Leave a Reply