Himachal

प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कितना तैयार हिमाचल, 8 को होगी ‘अग्निपरीक्षा’

mega-mock-drill-in-himachal
nn
loading...

शिमला। हिमाचल में वीरवार को बड़ा भूकंप का झटका आएगा। 7 फरवरी को रात्रि 12 बजे प्रदेश में रिक्टर पैमाने पर 8 मैगनिटयूट का भूंकप आया है, जिसका केन्द्र मण्डी जिला का सुन्दरनगर होगा। घबराइए मत हिमाचल में भूकंप को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में राज्यस्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया जाएगा।

जहां भूकंप आने की स्थिति में कैसे निपटा जायेगा इसका अभ्यास किया जायेगा। इस दौरान राज्य स्तरीय आपताकालीन ऑप्रेशन केन्द्र राज्य सचिवालय में स्थापित किया जाएगा, जिसका पर्यवेक्षण मुख्य सचिव करेंगे जबकि जिला स्तर पर सम्बन्धित जिला मुख्यालयों पर केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका निरीक्षण जिलाधीश करेंगे। इस अभ्यास की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव विनीत चौधरी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि यह मॉक अभ्यास एक गम्भीर अभ्यास होगा, जिसके दौरान किसी भी प्रकार की आपदा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने और इसका परीक्षण करने में सहायता मिलेगी।

आपदा प्रबंधन योजना की होगी अग्नि परीक्षा  
मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है। किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी और प्रतिक्रिया आवश्यक है, जिसमें सभी का सहयोग होना चाहिए। इस अभ्यास के दौरान आपदा के समय राज्य आपदा प्रबन्धन योजना, जिला आपदा प्रबन्धन योजना और विभागीय स्तर की आपदा योजनाओं की क्षमता का भी पता चल पाएगा।

चौधरी ने कहा कि इस अभ्यास के दौरान राज्य स्तरीय आपताकालीन ऑप्रेशन केन्द्र राज्य सचिवालय में स्थापित किया जाएगा, जिसका पर्यवेक्षण वह स्वयं करेंगे जबकि जिला स्तर पर सम्बन्धित जिला मुख्यालयों पर केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका निरीक्षण जिलाधीश करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के परामर्शी एवं पर्यवेक्षक करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से कारगर आपदा प्रबन्धन योजना तैयार करने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन में पाई जाने वाली कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

प्रधान सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन ओंकार शर्मा ने कहा कि 8 फरवरी को प्रदेश में चौथी बार इस तरह की मॉक अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश भूकंप के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है क्योंकि राज्य भूकम्प की जोन चार और पांच में आता है। उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास सायरन या ध्वनि के साथ आरम्भ होगा और दो मिनट की अवधि तक जारी रहेगा। इस दौरान सरकारी कार्यालयों के सभी कर्मचारी, स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी अपनी सुरक्षा के लिए उचित उपाय अपनाएंगे और उसके उपरान्त उन्हें भवनों से बाहर निकाला जाएगा।

राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के वरिष्ठ विशेषज्ञ मेजर जनरल (सेवानिवृत) डॉ. वीके नाईक ने इस अवसर पर राज्य सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया जिसमें एनडीआरएफ, सेना, वायु सेना, आईटीबीपी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।

राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन के विशेष सचिव डीसी राणा ने कहा कि आईआईटी मुम्बई, आईआईटी मद्रास और एनडीएमए के अध्ययन के अनुरूप भूंकप का माहौल तैयार किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत भूकंप के दौरान किस तरह बचाव कार्य किया जाएगा यह सब देखा जाएगा।

Loading...
loading...

Leave a Reply