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बुलंद हौसले की मिसाल बनी चंबा की बेटी, हिमाचल की उड़नपरी के नाम एक और रिकॉर्ड

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चंबा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतने के बाद हिमाचल की होनहार बेटी सीमा ने जूनियर नेशनल में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ चंबा उड़नपरी ने एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है। आंध्र प्रदेश के विजयवाडा में आयोजित 33वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सीमा ने 3000 मीटर की दौड 9:50:00 मिनट में पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। सीमा ने केरल की अनमोल थंपी के 10:02:00 मिनट में 3000 मीटर की दौड़ पूरी करने के रिकॉर्ड को तोड़ कर अपना दबदबा कायम किया है।

थंपी ने वर्ष 2016 की 32वीं जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यह रिकॉर्ड बनाया था। बहरहाल चंबा की पिछड़े क्षेत्र चुराह से संबंध रखने वाली सीमा ने नया रिकॉर्ड कायम करने के साथ हिमाचल की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया है। सीमा कांगडा जिले के धर्मशाला स्थित स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया के हॉस्टल में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं।
2 साल में बनाए 3 रिकॉर्ड
भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र धर्मशाला में प्रशिक्षण हासिल कर रही सीमा ने पिछले दो वर्षो में ही जूनियर स्तर पर तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर खेल कौशल का लोहा मनवाया है।

  • सीमा ने नबंवर 2016 में तमिलनाडु में आयोजित अंडर-16 जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2000 मीटर की दौड 6:27:13 मिनट में पूरी कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ा।
  • अप्रैल 2017 में हैदराबाद में आयोजित यूथ नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 3000 मीटर की दौड़ 9:56:00 मिनट में पूरी कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
  • वहीं विजयवाडा में आयोजित अंडर-18 जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 9:50:00 मिनट में 3000 मीटर की दौड़ पूरी कर तीसरा नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया।

अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने वाली हिमाचल की तीसरी धाविका है सीमा
चंबा जिले के चुराह क्षेत्र के रेटा गांव से संबंध रखने वाली 17 वर्षीय सीमा हिमाचल की ऐसी तीसरी धाविका बनी हैं जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत कर देश की झोली में डाला है। बैंकाक में हुई चैंपियनशिप में सीमा ने 3000 मीटर की दौड़ 10:05:27 मिनट में पूरी कर प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया । इससे पूर्व हिमाचल से संबंध रखने वाली सुमन रावत और कमलेश ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीते हैं।
निर्धन परिवार से संबंध रखती है सीमा
आर्थिक हालात अच्छे न होने के बावजूद सीमा ने अपने हौसले और हुनर से रिकॉर्ड की झड़ी लगाकर सबको हैरत में डाल दिया है। सीमा राष्ट्रीय स्तर पर दस मेडल जीत चुकी हैं, जिसमें पांच गोल्ड भी शामिल हैं। सीमा ने छठी कक्षा से ही एथलेटिक्स का अभ्यास शुरू कर दिया था। लिहाजा छोटे से मैदान से बड़ी जीत के सपने संजोने वाली सीमा ने प्रदेश के साथ-साथ चंबा का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया है। सीमा मौजूदा समय में कांगडा जिले के धर्मशाला स्थित कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं।

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