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बेटे को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचा पिता, सरकारी डॉक्टर ने मांगे 25 हजार!

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बलरामपुर। एक बार फिर मानवता शर्मशार हुई है। इस मामले में डॉक्टरों की संवेदनहीनता सामने आयी है। एंबुलेंस न मिलने पर एक गरीब पिता अपने घायल बेटे को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इसके आगे अस्पताल में चिकित्सकों ने अपनी संवेदनहीनता दिखाई।
himachali khabar, himachali news, हिमाचली ख़बर , हिमाचली न्यूज़ बताया जा रहा है कि कोतवाली नगर क्षेत्र के बलुआ मोहल्ले के रहने वाले इश्तियाक का 15 वर्षीय बेटा शहबाज मन्दबुद्धि है। 28 अगस्त को शहबाज घर से लापता हो गया। 

इश्तियाक ने अपने बेटे की तलाश में इश्तिहार छपवाकर दीवालों पर चपकाए। इश्तिहार के जरिये पता चला कि एक दुर्घटना में गम्भीर रुप से घायल शहबाज गोण्डा जिला अस्पताल में लावारिश हालत में भर्ती है। 
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चार किलोमीटर तक ठेले से ले गया


इश्तियाक शहबाज को घर लेकर आए, जिसके लिये उन्हें 1200 रुपये चुकता करना पड़ा। इश्तियाक के पास इतना पैसा नहीं था कि वह दोबारा एंबुलेंस से अपने बेटे को अस्पताल लेकर जाएं। लिहाजा एक ठेले पर अपने घायल बेटे को लादकर चार किलोमीटर दूर अस्पताल की ओर चल पड़ा। 

सर्जन ने इलाज के लिए 20 हजार मांगे 

अस्पताल पहुंचने पर ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ. एनके बाजपेई ने इश्तियाक से इलाज के लिये 25 हजार रुपये की मांग की। पैसे न देने पर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। हालांकि आरोपी डॉक्टर एनके बाजपेई ने इस बात से इनकार किया कि उसने इश्तियाक से पैसे मांगे। 

लेकिन इस डॉक्टर पर पहले भी मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें सामने आयी हैं। खुद जिलाधिकारी भी दो बार नोटिस देकर डॉ. एनके बाजपेई को चेतावनी दे चुके हैं। 

सीएमएस ने जांच कराने की बात कही

संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सत्यदेव भारती ने भी इस बात को स्वीकार किया कि डॉक्टर एनके बाजपेई की इलाज के नाम पर पैसे लेने की शिकायतें कई बार मिली हैं। मामला मीडिया के संज्ञान में आने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. सत्यदेव भारती ने पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को सौपने की बात कही है।

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