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मंत्री के स्वागत में खड़े रहे डॉक्टर, युवती ने तड़पकर दम तोड़ा

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ऊना।। क्या इंसान की जान की कोई कद्र नहीं है? क्या मंत्रियों के कार्यक्रम इंसान की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं? क्या डॉक्टरों को किसी जान बचाने के बजाय किसी मंत्री के स्वागत में खड़े रहना चाहिए था? नौकरी बजाना ज्यादा जरूरी है या इंसानियत बचाना? 

ये सब सवाल खड़े हो रहे हैं ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में एक 23 साल की युवती की मौत के बाद। ऊना के जिला अस्पताल के प्रबंधन और डॉक्टरों पर आरोप लगे हैं कि कि जिस वक्त उन्हें किसी जहरीले कीड़े के काटने से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही युवती का इलाज करना चाहिए था, उस वक्त वे उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के स्वागत में हाथ जोड़े खड़े थे।

हिंदी अखबार पंजाब केसरी तो इस अस्पताल को ‘खून का प्यासा’ बता रहा है। अखबार के पोर्टल पर छपी रिपोर्ट में लिखा गया है- ऊना जिला के क्षेत्रीय अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सकों की लापरवाही से मरीजों के मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अस्पताल में दो-तीन महीने के भीतर ही दो गर्भवती महिलाओं और एक वृद्ध की ऑपरेशन के बाद मौत के मामले शांत भी नहीं हुए थे कि जहरीले कीट के काटने का इलाज करवा रही 23 वर्षीय युवती की मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

क्या है मामला?हरोली क्षेत्र के गांव ललड़ी की रहने वाली सुनीता देवी को मंगलवार देर रात एक जहरीले कीट ने काट लिया था जिसके बाद उसे अपने स्तर पर इलाज दिलवाने के बाद परिजन हरोली अस्पताल ले गए। यहां से उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के लिए रेफर कर दिया। अखबार ने लिखा है कि क्षेत्रीय अस्पताल में युवती को स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर न मिलने के कारण मौत हो गई।



परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उद्योगमंत्री मुकेश अग्निहोत्री व डीसी ऊना विकास लाबरू से भी की। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि  अस्पताल में उद्योग मंत्री के स्वागत के लिए चिकित्सक गेट पर खड़े रहे और अंदर एमरजेंसी में युवती के तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

रूबेला टीकाकरण अभियान की होनी थी शुरुआतअस्पताल में खसरा रूबेला टीकाकरण अभियान का शुभारंभ के लिए उद्योग मंत्री पहुंचने वाले थे। मृतका के परिजन आरोप लगाते हैं कि चिकित्सक और स्टाफ उद्योग मंत्री के स्वागत में लगे रहे और उनकी लाडली की कोई खबर तक नहीं ली गई। हालांकि परिजनों की शिकायत के बाद उद्योग मंत्री और डीसी विकास लाबरू ने सीएमओ की जमकर खिंचाई की। उद्योग मंत्री ने डीसी ऊना को मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने सीएमओ को तत्काल विभागीय जांच करके रिपोर्ट तलब की है।

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