Himachal

माइनस 18 डिग्री तापमान में फंसे 150 भेड़ पालक, मवेशियों को पीछे छोड़ने के लिए तैयार नही भेड़ पालक

nn
loading...
सितम्बर के अंत से हिमाचल प्रदेश के बड़ा भंगाल में कम से कम 150 भेड़ पालक फंसे हुए हैं। जिला प्रशासन की सलाह को अनदेखा करते हुए वे थंबसर पास के माध्यम से जाने की कोशिश कर सकते हैं जबकि जलसू पास को अधिक सुरक्षित माना जाता है। सूत्रों के अनुसार भेड़ पालक भेड़ और घोड़ों के साथ 12-15 फुट बर्फ में थंबसर पास के पास मैरी चले गए, जहां रात का तापमान शून्य से 18 डिग्री सैल्सियस नीचे था। चट्टा सिंह जोकि सुरक्षित लौटने में कामयाब रहे हैं उन्होंने दावा किया कि भेड़ पालकों के पास पर्याप्त भोजन था लेकिन उन्होंने थंबसर पास को अपने मवेशियों के साथ पार करने के लिए घाटे का सौदा किया है।
थंबसर पास को पार न करने की दी थी सलाह : एस.डी.एम.
बैजनाथ एस.डी.एम. विकास शुक्ला ने कहा कि उन्होंने थंबसर पास को पार न करने की भेड़ पालकों को सलाह दी थी क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों को बड़ा भंगाल में पी.डी.एस. की दुकान से राशन की आपूर्ति की जा रही थी। हमने उन्हें सलाह दी है कि वे बड़ा भंगाल में अपने घोड़ों को छोड़ दें तथा स्थानीय पंचायत से देखभाल करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि एक पर्वतारोहण टीम की सेवाओं को भी भेड़ पालक के शव को वापस लाने की मांग की गई थी लेकिन टीम ने बताया कि गहरी ढांक से शव को निकालने की कोशिश करना बहुत जोखिम भरा था।
मवेशियों को पीछे नहीं छोड़ सकते भेड़ पालक
वहीं स्थानीय कार्यकर्ता अक्षय जसरोटिया ने कहा कि भेड़ पालक अपने मवेशियों को पीछे नहीं छोड़ेंगे जोकि उनकी आजीविका का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन से पूछा था कि चरवाहों की वापसी के लिए थंबसर पास में खड़े रास्तों को कम से कम दोहराएं। उन्होंने कहा कि हमने यह भी मांग की है कि उन्हें वित्तीय सहायता दी जाए।

loading...