Kangra

मोहलत खत्म; नहीं आया फोन, परिजनों की बढ़ी बेचैनी

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नाइजीरिया में बंधक बनाए गए कांगड़ा जिले के तीन युवकों को रिहा करने की एवज में मांगी गई फिरौती के लिए दी गई मोहलत समाप्त हो गई है। सोमवार को न तो समुद्री लुटेरों की ओर से बंधक बनाए गए युवकों का फोन आया और न ही उनकी रिहाई के लिए रोशनी की कोई किरण सामने है। ऐसे में अब युवकों के परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है।

हालांकि प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान जवाली के विधायक अर्जुन ठाकुर की ओर से मामला उठाए जाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जल्द रिहाई का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने बंधक सुशील धीमान के पिता रघुवीर सिंह से बात कर आश्वासन दिया है कि युवकों की रिहाई के लिए सरकार गंभीर है और विदेश मंत्री से भी बात की है।

उल्लेखनीय है कि समुद्री लुटेरों ने बंधकों की रिहाई के लिए 22 लाख रुपये मांगे थे और इसकेलिए सोमवार तक की मोहलत दी थी। लुटेरे सेटेलाइट फोन से हर रोज दोपहर बाद तीन से 6 बजे के बीच सुशील धीमान की परिजनों से बात करवाते रहे हैं, लेकिन दो दिन से कोई भी फोन नहीं आया है

नाइजीरिया के संपर्क में विदेश मंत्रालय

नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसे कांगड़ा के तीन युवकों को छुड़ाने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र के संपर्क में है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को सदन में तीनों युवकों की सुरक्षित रिहाई की दुआ की। उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से व्यक्तिगत तौर पर बात की। विदेश मंत्रालय युवकों की सुरक्षित रिहाई के लिए जुटा है। जयराम ने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में पीडि़त परिवारों के साथ है। सरकार भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने भी सदन में कहा कि सरकार को इस मामले में कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार फिरौती का पैसा देगी?

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