ajab gazab

ये है भारत का एकमात्र मंदिर जिसमे लगा चुम्बक जहाज़ों को भी खिंच लेता था

nn
loading...
ये है भारत का एकमात्र मंदिर जिसमे लगा चुम्बक जहाज़ों को भी खिंच लेता था
भारत एक ऐसा देश है, जहाँ कई अद्भुत चीज़े पाई गयी हैं. ईन्हें देखकर दुनिया आज भी आश्चर्य करती है. भारत में कई सारे मंदिर है और उनकी अपनी अपनी खूबी है. आज हम आपको भारत के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसे सुन आप भी हैरान रह जाओगे.

ऐसा ही एक मंदिर भारत में है जहां पहले 52 टन का चुंबक लगा था जो समुद्र से आने वाले जहाजों को अपनी ओर खींच लेता था। कोणार्क का सूर्या मंदिर कई कारणों के पूरी दुनिया में मशहूर है। 52 टक का चुंबक, अद्वीतूय मूर्ती कला और कई कहानियां इस मंदिर को खास बनाती है।
आइए आपको बताते हैं भारत के ऐसे मंदिर के बारे में जिसके गर्भगृह में स्थापित सूर्य भगवान को आप साक्षात देख सकते हैं। भारत के इस प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को ने विश्व-धरोहर के रूप में संजोया है। यह भारत का एकमात्र भव्य सूर्य मंदिर है। चूंकि सूर्य स्वयं साक्षात देव हैं, जिनके बिना इस सृष्टि का संचालन नहीं हो सकता, लिहाजा इस मंदिर में स्थापित भगवान के हम साक्षात दर्शन करते हैं।
कुछ लोग कहते है कि सूर्य मन्दिर के शिखर पर 52 टन का चुम्बकीय पत्थर लगा था। मंदिर इस चुंबक की वजह से समुद्र की कठोर परिस्थितियों को सहन कर पाता था। पहले, मुख्य चुंबक के साथ अन्य चुंबकों की अनूठी व्यवस्था से मंदिर की मुख्य मूर्ति हवा में तैरती रहती थी। इसके प्रभाव से, कोणार्क के समुद्र से गुजरने वाले जहाज इस ओर खिंचे चले आते हैं, जिससे उन्हें भारी क्षति हो जाती है। इसलिए अंग्रेज़ इस पत्थर को निकाल ले गये। इस पत्थर के कारण दीवारों के सभी पत्थर संतुलन में थे। इसके हटने के कारण, मंदिर की दीवारों का संतुलन खो गया और वे गिर पड़ीं।

from Blogger https://ift.tt/2JpIik8

Leave a Reply