Kangra

हिमाचल में आफत लायी बारिश: घरों में घुसा मलबा, पेड़ों सहित उखड़े बिजली के खंभे

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मानसून के कहर से त्रस्त हिमाचल को अभी राहत नहीं मिल रही है। जिला कांगड़ा के गरली की निकटवर्ती पंचायत बड्ढलठोर में बुधवार को बादल फटने से बारिश ने जमकर कहर मचाया। रात करीब आठ बजे मूसलाधार बारिश से  आई बाढ़ से डीएबीएम पब्लिक स्कूल  की चारदीवारी ढह गई । इतना ही साथ लगते बरबाडा व चनौर में भी कई घरों में कीचडऩुमा मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है । इस आसमानी कहर से चनौर व बरबाडा की सडक़ों मे मलबा भरने से करीब 15 घंटे तमाम गाडिय़ों की आवाजाही बंद रही । कुडऩा-सलेटी, सरड़-डोगरी तथा सरड़-बम्मी व उपरला कलोहा में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश से कई पेड़ धराशायी हो गए तो बिजली के भी कई खंभे उखड़ गए। इसके  अलावा जिला ऊना में तूफान से कई पेड़ जड़ से उखड़ गए। जिला के बड़ही-चरुड़ू सहित अन्य कई स्थानों पर तूफान ने जमकर कहर बरपाया। इसके अलावा गुरुवार देर शाम को धर्मशाला-कांगड़ा के साथ पालमपुर के पंचरुखी में भी जोरदार बारिश हुई। आसमान पर छाई घनघोर घटाओं और कडक़ती बिजली ने लोगों को खूब डराया। वहीं चंबा में तो दिन में अंधेरा छा गया था।
प्रदेश में 56 सडक़ें बंंद
शिमला — हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर अभी भी जारी है। बारिश से अभी भी राज्य में जगह-जगह भू-स्खलन हो रहे हंै, जो जनजीवन पर भारी पड़ रहा है। प्रदेश में बारिश से गुरुवार को 56 मार्ग अवरूद्ध रहे। हालांकि 26 मार्ग गुरूवार देर शाम तक वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गए। मगर राज्य में अभी भी 30 के करीब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध पड़े हुए हैं। विभाग का दावा है कि 14 शुक्रवार और 16 मार्ग शनिवार तक बहाल हो जाएंगे। बारिश से प्रदेश में चार कच्चे और एक पक्के मकान को आंशिक नकसान पहुंचा है। चंबा में एक, हमीरपुर में तीन, कांगड़ा में एक कच्चे व पक्के को और शिमला में एक कच्चे मकान को आंशिक नुकसान हुआ है। मंडी में बारिश से 4 गोशालाएं भी जमींदोज हो गईं। इस साल बेरहम बरसात से पीडब्ल्यूडी का नुकसान 728 करोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल अभी बारिश से राहत के आसार नहीं हैं।