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हिमाचल में नौकरशाही के ठाठ, कैबिनेट मीटिंग को हेलीकॉप्टर में उड़कर गए धर्मशाला

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सत्ता में चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, अफसरशाही अपने ठाठ नहीं छोड़ती। धर्मशाला में कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने के लिए जयराम सरकार के आला नौकरशाह हेलीकॉप्टर में रवाना हुए। नौकरशाहों को लेकर शनिवार सुबह पवनहंस कंपनी का हेलीकॉप्टर शिमला से धर्मशाला के लिए रवाना हुआ।

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यही नहीं, कई अफसर कैबिनेट मीटिंग के बाद शाम को वापिस इसी हेलीकॉप्टर के जरिए शिमला आ जाएंगे। वहीं, रविवार को ये हेलीकॉप्टर सीएम जयराम ठाकुर को लेकर जालंधर रवाना होगा। सीएम का रविवार सुबह जालंधर दौरा प्रस्तावित है। इस तरह हेलीकॉप्टर को एक से अधिक उड़ाने भरनी होंगी। ये काफी महंगा सौदा है, क्योंकि हिमाचल सरकार केंद्र की जिस कंपनी पवनहंस का हेलीकॉप्टर प्रयोग करती है, उसका किराया प्रति घंटे 2 लाख रुपए तय है।

ये पहली मर्तबा नहीं है, जब नौकरशाही ने हेलीकॉप्टर का इस तरह प्रयोग किया है। इससे पहले भी 8 जनवरी को जयराम सरकार के शीतकालीन विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए अफसर इसी हेलीकॉप्टर से शिमला से धर्मशाला पहुंचे थे। तब आलम ये था कि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अफसरों ने अपनी आलीशान गाडिय़ां खाली ही धर्मशाला रवाना की थीं और वे अपनी बीवियों सहित हेलीकॉप्टर में रवाना हुए। सीएम जयराम ठाकुर उस समय बगस्याड़ में थे। उस दौरान हेलीकॉप्टर अफसरों को शिमला से धर्मशाला छोडक़र फिर बगस्याड़ मंडी पहुंचा और सीएम को लेकर वापिस धर्मशाला आया। तब भी हिमाचल सरकार के अफसरों की तीखी आलोचना हुई थी।

फिलहाल, शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के कुछ अधिकारी हेलीकॉप्टर की उड़ान का आनंद लेते हुए धर्मशाला गए हैं। कुछ अफसर शुक्रवार को ही सडक़ मार्ग के जरिए धर्मशाला चले गए थे। सवाल यही है कि जब अफसरों ने शिमला की वापिसी भी सडक़ मार्ग से ही करनी है तो उन्हें शनिवार को हेलीकॉप्टर से जाने की क्या जरूरत थी? सवाल ये भी है कि सीएम जयराम ठाकुर ने तो रविवार को धर्मशाला से जालंधर जाना है तो फिर पवनहंस के हेलीकॉप्टर की जरूरत भी रविवार को ही है। लेकिन अफसरशाही के ठाठ ने शनिवार को ही शिमला से धर्मशाला की उड़ान करवा दी।

यहां बता दें कि कैबिनेट मीटिंग के बाद रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हेलीकॉप्टर से जालंधर जाएंगे और फिर वापिस रविवार को ही शिमला लौटेंगे। पवनहंस का ये हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से सीएम जयराम ठाकुर के उपयोग के लिए तय है। आपात स्थितियों में इसे कहीं भी प्रयोग करने का प्रावधान भी है। फिलहाल, फिजूलखर्ची रोकने के तमाम दावों के बावजूद जयराम सरकार के अफसर खुद इस पर अमल करते नजर नहीं आते। हेलीकॉप्टर के दुरुपयोग का ये दूसरा मामला सामने आ गया है।

Source – eenaduindia

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