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हिमाचल में पांच रुपए हो सकता है न्यूनतम बस किराया

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जयराम सरकार पेट्रोल-डीजल में रियायतों के बाद बस किराया घटाने की तैयारी में है। इसके तहत न्यूनतम बस किराया घटाकर पांच रुपए किया जा सकता है। राज्य सरकार ने न्यूनतम बस किराया छह रुपए निर्धारित किया है। पिछले माह 29 सितंबर को जारी इस नोटिफिकेशन के बाद न्यूनतम बस किराया कंडक्टर और सवारियों के बीच सबसे बड़ा विवाद बन गया है। 
राज्य सरकार को विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त सूचना के अनुसार न्यूनतम बस किराया छह रुपए निर्धारित किए जाने के बाद छुट्टे पैसों को लेकर हर दिन बसों में तूं-तूं, मैं-मैं हो रही है। बस कंडक्टर यात्रियों से न्यूनतम किराया छुट्टा मांग रहे हैं। कई बार बस यात्रियों के पास छह रूपए छुट्टा देने को नहीं है। ऐसी स्थिति में कंडक्टर का थैला भी चार रुपए वापस करने की स्थिति में नहीं है। लिहाजा इसी मसले पर कई बार सवारियों को नीचे उतारने की नौबत आ रही है। जाहिर है कि बस ऑपरेटर न्यूनतम बस किराया पंजाब की तर्ज पर 10 रूपए करने की जिद पर अड़े थे। 

बावजूद इसके जयराम सरकार ने तीन रुपए से बढ़ाकर बस किराया छह रुपए किया है। अब हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की दरें पांच रुपए प्रति लीटर कम हुई है। केंद्र के साथ प्रदेश की जयराम सरकार ने भी अढ़ाई रुपए प्रति लीटर कीमतें घटाई हैं। इस कारण अब जयराम सरकार न्यूनतम किराया एक रुपए कम करने की तैयारी में है। उल्लेखनीय है कि न्यूनतम बस किराये के लिए अधिकतम दूरी तीन किलोमीटर होगी। सभी श्रेणियों की बस सेवाओं सामान्य बसों, डीलक्स बसों व वाल्वो बसों के लिए मैदानी क्षेत्रों में किराये में 24.44 प्रतिशत और पहाड़ी क्षेत्रों में 20.69 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। डीजल की कीमतों में तीव्र वृद्धि के बाद निजी बस आपरेटरों द्वारा हड़ताल पर जाने के बाद सरकार ने दबाव में आकर मंत्रिमंडल की बैठक में किराया बढ़ोतरी का निर्णय लिया था।

प्रदेश में पांच साल बाद बढ़ाया है भाड़ा
प्रदेश में पांच साल बाद बस किरायों में वृद्धि की गई है। इससे पूर्व बस किराया वर्ष 2010 तथा 2013 में बढ़ाया गया था। वर्ष 2010 में पूर्व के किराए की तुलना में 33.33 प्रतिशत और 2013 में 30.63 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। उस समय केवल तीन वर्षों में किराए में वृद्धि की गई थी, जबकि अब पांच वर्ष की अवधि के उपरांत यह वृद्धि की गई है।
विभाग से मांगी प्रोपोजल
अब न्यूनतम किराया घटाने के लिए सरकार ने परिवहन विभाग से प्रोपोजल मांगा है। हालांकि सरकार प्रदेश के लोगों को राहत देने के लिए न्यूनतम बस किराया के फारमेट पर पहले स्टॉपेज की दूरी को लेकर भी समीक्षा कर रही है।

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