Shimla

हिमाचल में हड़ताल से थमे 4 हजार निजी बसों के पहिए,

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हालांकि राजधानी शिमला में एचआरटीसी ने बेहतर इंतजाम किए हैं। एचआरटीसी ने 300 अतिरिक्त बसें सड़क पर उतारी हैं। इसके अलावा प्राइवेट रूटों पर भी निगम जेएनआरयूएम की बसें चला रहा है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रदेश निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष राजेश पराशर और महासचिव रमेश कमल ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, बस ऑपरेटरों की हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश में जब बस किराया बढ़ा था तो डीजल की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर थी। अब डीजल की कीमत 72 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
कलपुर्जे और बीमा खर्च भी दोगुना बढ़ गए हैं। बसों की कीमतें बढ़ गईं, लेकिन बस किराया नहीं बढ़ा। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंप दिए हैं। यूनियन महासचिव ने कहा कि उनकी हड़ताल का किसी भी राजनीतिक संगठन के भारत बंद से कोई संबंध नहीं है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारी नेता शंकर सिंह ठाकुर ने चालक-परिचालकों से अपील की है कि वे ईमानदारी से अपनी सेवाएं दें। एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक एचके गुप्ता ने कहा कि निगम अधिकारी निजी बसों की हड़ताल को देखते हुए प्रदेश भर में स्थिति पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में जिन रूटों पर निजी बसें अधिक चलती हैं वहां सरकारी बसों की संख्या बढ़ा दी गई है।

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