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BREAKING NEWS – नूरपुर में मिला Mortar Shell, निष्क्रिय करने को आर्मी बुलाई

Mortar Shell
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नूरपुर। अस्पताल के समीप मिले एक एक्टिव Mortar Shell (जिंदा मोर्टार) को निष्क्रिय कर दिया है। Mortar Shell निष्क्रिय करने से पहले एहतियात के तौर पर पूरे एरिया को सील कर दिया था और इस के बाद पठानकोट से पहुंचे सेना के दस्ते ने Mortar Shell को निष्क्रिय किया गया। यह  Mortar Shell साढ़े पांच किलो का था और इसे सेना के रामवीर वर्मा ने आधे घंटे में निष्क्रिय कर दिया। इस दौरान एक धमाका हुआ और Shell को निष्क्रिय कर दिया गया। Mortar Shell काफी पुराना था और इस में जंग भी लगा हुआ था।

इससे पहले बुधवार सुबह अस्पताल के समीप नाले में यह Mortar Shell लोगों ने पड़ा हुआ देखा था और उसके बाद पुलिस को सूचित किया था। DSP नूरपुर नवदीप सिंह ने बताया कि नूरपुर थाने में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पठानकोट सेना को इस के बारे में सूचित किया गया और वहां से पहुंचे सेना के दस्ते ने Mortar Shell को निष्क्रिय कर दिया है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह Mortar Shell यहां कहां से आया।

क्या है मोर्टार …

मोर्टार का इस्तेमाल युद्ध के लिए वर्षों से होता आ रहा है। पहले विश्व युद्ध में भी मोर्टार का इस्तेमाल हुआ था, इस मोर्टार को स्ट्रोक्स कहते हैं। मोर्टार के पिछले हिस्से को tail fin कहा जाता है और आगे वाले हिस्से को मोर्टार शैल कहा जाता है। मोर्टार शैल के आगे वाले हिस्से को फ्यूज कहते हैं, इसी फ्यूज के टकराने के बाद ही मोर्टार एक्टिवेट होता है और ब्लास्ट हो जाता है।मोर्टार शैल के बीच के हिस्से में ही एक्सप्लोसिव भरा होता है। मोर्टार का प्रयोग मोहम्मद-2 के समय में 1551 में किया गया था। भारत वर्ष में सन 1939 में सर्व प्रथम इसका प्रयोग किया गया।

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