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HRTC की बसों में बड़ी हेरा फेरी, चंद घंटों में ही 8 KM बढ़ गई जसूर से सिंबल चौक की दूरी

HRTC TICKET
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HRTC की बसों में किराये को लेकर बड़ी हेरा फेरी सामने आई है 

एचआरटीसी की बसों में आखिर किराया किस आधार पर वसूला जा रहा है, यह आम आदमी की समझ के परे की बात की है। या तो इसे एचआरटीसी प्रबंधन या परिचालक ही समझ सकते हैं या फिर कोई गणित का शिक्षक। आम आदमी के यह बस की बात नहीं है। ऐसा ही एक मामला जसूर में सामने आया है।

यहां पर एचआरटीसी बसों में दी टिकटों के आधार पर एक से दूसरे स्टेशन की दूरी उसी दिन व्यक्ति के वापस आते-आते आठ किलोमीटर अधिक हो गई। यही, नहीं किराया भी सात रुपये अधिक अदा करना पड़ा। बता दें कि राज कुमार निवासी छत्रोली (जसूर) ने 26 जनवरी को सुबह साढ़े 11 बजे जसूर से सिंबल चौक (पठानकोट) के लिए पथ परिवहन निगम पठानकोट डिपो की बस में बैठा। उसका 24 रुपये का टिकट काटा गया।

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वहीं, टिकट पर दूरी 17 किलोमीटर दर्शाई गई थी। वहीं, अपना काम खत्म कर जब दोपहर करीब सवा एक बजे सिंबल चौक से नागाबाड़ी के लिए पालमपुर डिपो की बस में बैठा तो उसके टिकट हाथ में आने पर वह हैरान हो गया।

उससे 25 रुपये किराया नागाबाड़ी का ही वसूला गया और टिकट पर दूरी 21 किलोमीटर दर्शाई गई थी। हालांकि नागाबाड़ी से जसूर चार किलामीटर है और 6 रुपये किराया लगता है। ऐसे में पठानकोट डिपो की बस में काटी टिकट के आधार पर  सिंबल चौक से नागाबाड़ी की दूरी 13 किलोमीटर बनती है।

यहीं, नहीं पठानकोट डिपो की बस में काटी टिकट के आधार पर जसूर से सिंबल चौक का किराया 24 और पालमपुर डिपो की बस में काटी टिकट के अनुसार सिंबल चौक से नागाबाड़ी का किराया 25 रुपये वसूला गया।  साथ ही नागाबाड़ी से जसूर का किराया 6 रुपये है। ऐसे में यात्री को 7 रुपये अधिक चुकाने पड़े।

इस बारे जब निगम के परिचालक को स्थिति साफ करने की बात कही गई तो वह उल्टा यात्री को ही धमकाने लग पड़ा। वहीं, इस संबंध में यात्री ने इसकी शिकायत भी निगम के उच्चाधिकारियों से की है। यात्री ने निगम के उच्चाधिकारियों से ऐसे परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने की बात की है। वहीं, इस संदर्भ में डीएम धर्मशाला राज कुमार जरियाल ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। टिकट मशीन से सफर की दूरी किस तरह बढ़ गई, इसकी जांच की जाएगी।

Source – Himachal Abhi Abhi

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