Shimla

स्कूलों में भारी फीस वृद्धि के विरोध में, DC Office के बाहर की नारेबाजी

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शिमला: छात्र-अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों में भारी फीस वृद्धि के विरोध में सोमवार को जिलाधीश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लगाई जा रही है। छात्र-अभिभावक मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि शिमला शहर में चल रहे प्राइवेट स्कूल बच्चों से भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं। इसके अलावा स्कूल टैक्सियों के किराए में भी काफी बढ़ौतरी की गई है, ऐसे में अभिभावकों को आर्थिकतौर पर परेशानी झेलनी पड़ रही है।

निजी स्कूलों में बनाया जाए रैगुलेटरी कमीशन 

छात्र-अभिभावक मंच ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया, विषय वस्तु व फीसों को संचालित करने के लिए रैगुलेटरी कमीशन बनाया जाए। शिक्षा का अधिकार कानून 2006 व वर्ष 2005 की सी.बी.एस.ई. की गाइड लाइन को सख्ती से लागू किया जाए। इसके अलावा शिक्षा के अधिकार कानून के तहत सरकारी स्कूलों की तर्ज पर निजी स्कूलों में एस.एम.सी. का गठन किया जाए। प्रदर्शन के दौरान मंच के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में डी.सी. शिमला से मिला व 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

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जिलाधीश ने दिया उचित कार्रवाई का भरोसा

मंच के संयोजक ने कहा कि जिलाधीश ने इस संदर्भ में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि स्कूल टैक्सियों के किराए में 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ौतरी नहीं होने दी जाएगी। स्कूल के वार्षिक समारोहों व अन्य कार्यक्रमों में मैक्सिमम रिटेल प्राइस (एम.आर.पी.) से ऊपर किसी भी वस्तु की वसूली नहीं करने दी जाएगी। पिकनिक के नाम पर लूट व अव्यवस्था पर रोक लगाई जाएगी तथा अन्य मुद्दों को उचित कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा।

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