google-site-verification=9tzj7dAxEdRM8qPmxg3SoIfyZzFeqmq7ZMcWnKmlPIA
Monday, February 6, 2023
India

डिवाइडर से टकरा हवा में उड़ गई थी ऋषभ पंत की कार, 100 मीटर दूर जाकर गिरी; कितनी थी स्पीड?!

भारतीय क्रिकेट टीम के अहम सदस्य ऋषभ पंत का शुक्रवार सुबह एक्सीडेंट हो गया। दिल्ली से उत्तराखंड जा रहे पंत की कार रुड़की के पास डिवाइडर से टकरा गई। बेहद भयानक हादसे के बाद कार में आग लग गई।

भारतीय क्रिकेट टीम के अहम सदस्य ऋषभ पंत का शुक्रवार सुबह एक्सीडेंट हो गया। दिल्ली से उत्तराखंड जा रहे पंत की कार रुड़की के पास डिवाइडर से टकरा गई। बेहद भयानक हादसे के बाद कार में आग लग गई। गनीमत रही कि ऋषभ सही समय पर कार का शीशा तोड़कर निकलने में कामयाब रहे। हालांकि, उनके सिर, कमर, पैर और पीठ में काफी चोटें आई हैं।

सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ हादसा कितना भयानक था इसका अंदाजा मौके के हालत से लगाया जा रहा है। कार डिवाइडर से टकराने के बाद हवा में उड़ गई। इसके बाद डिवाइडर के बीच एक पोल से टकराने के बाद रोड के दूसरी तरफ काफी दूर जाकर गिरी। कार जहां डिवाइडर से टकराई और जहां जाकर रुकी उन दोनों जगहों के बीच करीब 100-150 मीटर की दूरी है।

कार के परखच्चे उड़ गए। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। कार के पुर्जे दूर तक बिखरे हुए नजर आए। डिवाइडर और सड़क पर भी हादसे के निशान बता रहे हैं कि हादसा बेहद भयानक था। जिस तरह कार दूर जाकर गिरी उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कार की स्पीड बेहद अधिक थी। कार पूरी तरह जल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने समय रहते पंत को सहारा दिया और उन्हें पास के अस्पताल में पहुंचाया। शुरुआत में कार में तीन लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंत कार में अकेले ही मौजूद थे।

देहरादून के मैक्स अस्पताल में इलाज

प्राथमिक उपचार के बाद पंत को रुड़की से देहरादून के मैक्स अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। मैक्स अस्पताल के एमएस डॉ. आशीष याग्निक ने कहा है कि पंत को कोई गंभीर चोट बाहर से दिखाई नहीं पड़ रही है। कमर सिर और पैर में वह चोट बता रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन फिजिशियन समेत तमाम डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में लगी है और कुछ महत्वपूर्ण जांच कराई जा रही है। डॉक्टर याग्निक ने यह भी बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा। उधर ऋषभ पंत के परिजन भी अस्पताल में पहुंचे हैं।

Sumeet Dhiman
the authorSumeet Dhiman

Leave a Reply