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बिहार पुलिस की ड्यूटी पर लौटे ‘सुपरकॉप’ शिवदीप लांडे, क्राइम के लिए जीरो टॉलरेंस ही है पहचान

 

महाराष्ट्र में योगदान देने के बाद इस आईपीएस अधिकारी को सबसे पहले महाराष्ट्र पुलिस के क्राइम ब्रांच में काम करने का मौका मिला और बाद में प्रोन्नति पाकर भी एटीएस में डीआईजी के पद तक पहुंचे. लेकिन, इस बीच उनकी महाराष्ट्र कैडर के लिए 5 साल की अवधि पूरी हो गई. इसके बाद शिवदीप लांडे ने महाराष्ट्र से फिर बिहार के लिए विरमित हो गए और बुधवार को योगदान दे दिया.

फिलहाल इस बात की संभावना जताई जा रही है कि सरकार द्वारा नई जगह पोस्टिंग किए जाने तक बिहार पुलिस  मुख्यालय में उन्हें तात्कालिक तौर पर कोई जिम्मेवारी दी जा सकती है. इस बीच शिवदीप लांडे की पोस्टिंग को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. कहीं मद्य निषेध विभाग में तैनाती की चर्चा है तो कहीं मुंगेर डीआईजी बनाए जाने की  तो कहीं एटीएस डीआईजी के पद पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चा चल रही है. लेकिन आखिरकार नीतीश सरकार की ओर से उन्हें कौन सी जिम्मेवारी दी जाती है इसके लिए इंतजार करना होगा.

बता दें, शिवदीप लांडे पटना (Patna) में सिटी एसपी रहने के अलावा अररिया और रोहतास में भी पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं. वे बिहार के राज्यपाल के एडीसी के पद पर भी रहे थे. बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे 2006 बैच के आईपीएस अफसर हैं. इनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी.

बिहार की राजधानी पटना के एसपी के तौर पर अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए. अपराधियों की शामत लाने वाले इस वर्दीधारी को बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है. पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में रहते हुए उसके कारनामे बड़े मशहूर हुए. लगभग दस महीने की सेवा में ही उन्होंने नकली कॉस्मेटिक उत्पाद विक्रेताओं सहित बड़े-बड़े दवा-माफियाओं के कारनामे उजागर किए.

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