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हिंदुओं को बताया बोको हराम, लाईन लगाकर काट देते है गले, जवान लडकियों को उठाकर…!..

नई दिल्‍ली. यूपी चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने हिंदुत्‍व की ‘तुलना’ खुंखार आतंकी संगठनों बोको हराम और इस्‍लामिक स्‍टेट से करके भारत के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बोको हराम और आईएसआईएस दोनों ही ऐसे आतंकी संगठन हैं जिनकी क्रूरता सुनकर इंसान की रूह कांप जाती है। इंसान की गला काटकर हत्‍या करना, मासूम बच्चियों का अपहरण और कट्टर इस्‍लामिक शरिया कानून लागू करने के लिए हिंसा इन दोनों ही आतंकी संगठनों का प्रमुख पेशा है।

आइए जानते हैं कि 3.50 लाख लोगों की हत्‍या करने वाले बोको हराम के बारे में सबकुछ….

सलमान खुर्शीद ने अयोध्‍या विवाद पर लिखी अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या : नेशनहुड इन ऑवर टाइम्स’ में कहा है, ‘साधु-संत जिस सनातन धर्म और क्लासिकल हिंदुत्‍व को जानते हैं, उसे किनारे करके हिंदुत्व के ऐसे वर्जन को आगे बढ़ाया जा रहा है जो हर पैमाने पर आईएसआईएस और बोको हराम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों के राजनीतिक रूप जैसा है।’ उन्होंने दावा किया है कि हिंदुत्व का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाता है। चुनावी रैलियों में इसका जिक्र होता है।

आतंकियों के खिलाफ कोई गवाही भी देने को तैयार नहीं
कांग्रेस नेता खुर्शीद ने जिस बोको हराम से हिंदुत्‍व की तुलना की है, वह अफ्रीकी देश नाइजीरिया में साल 2009 से लेकर अब तक 3.50 लाख लोगों की हत्‍या कर चुका है। इस हिंसा की वजह से देश में 30 लाख लोग विस्‍थापित हो गए हैं। वहीं 3 लाख लोगों को दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी है। बोको हराम के लिए नरसंहार करना एक पेशा बन गया है। आलम यह है कि बोको हराम की क्रूरता से निपटने के लिए अमेरिका को नाइजीरिया में सेना तैनात करनी पड़ी है।

बोको हराम का खौफ नाइजीरिया में इस कदर है कि इसके आतंकियों के खिलाफ कोई गवाही भी देने को तैयार नहीं होता है। इस संगठन की स्थापना ही नाइजीरिया में शरिया कानून को मानने वाली सरकार को स्थापित करने को लेकर किया गया था। इस आतंकी संगठन ने नाइजीरिया में न केवल बड़ी संख्या में लोगों का कत्लेआम किया है, बल्कि सुरक्षाबलों पर भी कई जानलेवा हमले किए हैं। इस क्षेत्र में लोगों का अपहरण, हत्या और सैन्य ठिकानों पर बोको हराम के आतंकियों का हमला अब भी वैसे ही जारी है।

बच्चों को मानव बम बनाकर हमलों को देता है अंजाम
बोको हराम नाइजीरिया के अलावा चाड, नाइजर और उत्तरी कैमरून में भी सक्रिय है। बोको हराम की स्थापना 2002 में मौलवी मोहम्मद युसुफ ने की थी। 2009 से इस संगठन का मुखिया अबुबकर शेकाऊ है। अगस्त 2016 में बोको हराम ने इस्लामिक स्टेट और लेवेंट से हाथ मिला लिया था। बोको हराम ने 2009 से अपनी आंतकवादी घटनाओं के अंजाम देना शुरू किया है तब से लेकर अब तक यह लाखों लोगों को मार चुका है। बोको हराम इस्लाम के जिस विचारधारा का समर्थक है, उसमें मुसलमानों को वोटिंग और धर्मनिरपेक्ष होने की सख्त मनाही है।

यह पूरे विश्व में शरिया कानून लागू करने की बात कहता है। इसके संस्थापक मौलवी मोहम्मद युसुफ ने एक मस्जिद का भी निर्माण करवाया, जो इन दिनों जिहादी भर्ती का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यह संगठन बच्चों को मानव बम बनाकर हमलों को अंजाम देता है। ग्लोबल टेरेरिज्म इंडेक्स 2015 में इसे सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठनों की सूची में रखा गया था। इस संगठन ने 2010 में कई लोगो को एक साथ कैद कर लिया था। बोको हरम ने आबुजा में संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय और पुलिस की इमारतों पर सुसाइड बॉम्बिंग की घटनाओं को भी अंजाम दिया है।

मजदूरों का काट दिया था गला, बच्‍च‍ियों का अपहरण
पिछले दिनों नाइजीरिया में बोको हरम के लड़ाकों ने क्रूरता दिखाते हुए खेतों में काम करने वाले मजदूरों को बंधक बनाया और फिर 43 का गला काट दिया था। इसके आतंकियों ने कई बार सैकड़ों मासूम बच्चियों का अपहरण किया है। पश्चिम अफ्रीका के इस्लामिक स्टेट या पश्चिम अफ्रीकाई प्रांत के इस्लामिक स्टेट को आम भाषा में बोको हरम कहा जाता है। उत्तरपूर्वी नाइजीरिया में आधारित जिहादी आतंकी संगठन चैड, नाइजर और उत्तरी कैमरून में भी सक्रिय है। इसके बाद से इनसे लड़ने के लिए सरकारों ने संगठित बल तैयार कर लिए हैं।

कभी अहिंसक हुआ करता था बोको हराम
स्थानीय भाषा- हौसा में बोको का मतलब ‘वेस्टर्न एजुकेशन की मुखालफत करना है।’ लेकिन 2009 में नाइजीरिया में एक इस्लामिक देश की स्थापना के लिए संगठन ने मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर दिए। अमेरिका ने 2013 में बोको हरम को आतंकी संगठन घोषित किया। साल 2009 से अबुबकर शेकऊ इसका नेता है। जब यह पहले बनाया गया था तब यह अहिंसक था और इसका मुख्य उद्देश्य उत्तरी नाइजीरिया में इस्लाम को शुद्ध करना था। मार्च 2015 में यह इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक ऐंड द लेवंट (ISIL) से जुड़ गया। इन्हे भी जरूर पढ़ें

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