Smartphone का इस्तेमाल हम सब करते हैं. पिछले कुछ सालों में फोन का क्रेज भी काफी बढ़ा है. हर फोन में कई दमदार फीचर्स होते हैं. लेकिन, सालों-साल के इस्तेमाल के बाद भी फोन के बारे में कई जानकारी हमें नहीं होती है.
अगर आप सोच रहे हैं आपको अपने फोन के बारे में सारी जानकारी है तो आप गलत हैं.
ऐसी ही एक चीज के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता है. खासकर जो सालों से फोन इस्तेमाल कर रहे हैं वह भी इसके बारे में कंफ्यूज रहते हैं. दरअसल हम बात कर रहे हैं फोन के ऊपर मौजूद एक छोटे छेद की. यह छेद आपको एंड्रॉयड फोन में देखने को मिलेगा.
माइक्रोफोन है यह छेद
आपको बता दें कि एंड्रॉयड फोन में ऊपर की मिलने वाला यह छेद और कुछ नहीं माइक्रोफोन है. अब आपके मन में यह ख्याल आ सकता है कि जब फोन के नीचे की साइड में एक माइक्रोफोन मौजूद है तो ऊपर का माइक्रोफोन किस काम है. दरअसल नीचे जो माइक्रोफोन दिया जाता है उससे हमारी आवाज दूसरे साइड पहुंचती है.
जबकि एंड्रॉयड फोन में ऊपर मौजूद छेद नॉइज कैंसिलेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी यह माइक्रोफोन आपकी आवाज को छोड़ दूसरी गैर-जरूरी आवाज को सुनता है. इसके बाद उस आवाज को फिल्टर कर दिया जाता है. इससे गैर-जरूरी आवाज या शोरगुल फिल्टर होकर सामने वाले के पास पहुंचती है.
क्या है इसका इस्तेमाल?
इसको आप आसान भाषा में ऐसे समझें जब आप किसी से बात कर रहे होते हैं दोनों माइक एक्टिव होते हैं. एक माइक जो हमारे मुंह के पास या फोन के नीचे होता है. जबकि दूसरा माइक कान के पास या फोन के ऊपर की साइड में होता है. जब आप बोलते हैं तो फोन के नीचे वाला माइक उसे कैप्चर करता है.
यानी जो माइक मुंह के पास है वह आपकी आवाज को कैप्चर करता है. कान के पास या फोन के ऊपर लगा माइक्रोफोन बाहरी शोरगुल को कैप्चर करता है. बाहरी शोरगुल को कैप्चर करने वाला माइक उस आवाज को फिल्टर कर देता है ताकि सामने वाले को केवल आपकी आवाज ही पहुंच सके. इससे आपकी बातचीत बिना किसी डिस्टर्बेंस के होती रहती है.