अंधेरा देख खिलाड़ी ने खोया आपा, ताबड़तोड़ गोलियों से गर्लफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, कोर्ट ने सुनाई 11 साल की कठोर सजा

Cricket Player: खिलाड़ियों को मुश्किल हालातों में खुद पर नियंत्रण रखने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। मगर यह बात भी सच है कि हालातों के आगे किसी का बस नहीं चलता। ऐसा ही कुछ एक खिलाड़ी के साथ भी हुआ है। अंधेरे में उसने अपने जीवन के सबसे प्यारे शख्स पर हमला […]
अंधेरा देख खिलाड़ी ने खोया आपा, ताबड़तोड़ गोलियों से गर्लफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, कोर्ट ने सुनाई 11 साल की कठोर सजा

Cricket Player: खिलाड़ियों को मुश्किल हालातों में खुद पर नियंत्रण रखने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। मगर यह बात भी सच है कि हालातों के आगे किसी का बस नहीं चलता। ऐसा ही कुछ एक खिलाड़ी के साथ भी हुआ है। अंधेरे में उसने अपने जीवन के सबसे प्यारे शख्स पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी जान चली गयी। इसके बाद उस खिलाड़ी (Player) को अपने करियर से भी हाथ धोना पड़ा। आइये इस मामले की विस्तार से जानकारी देते हैं –

इस Player से हुई चूक

Death

आगे बढ़ने से पहले हम साफ़ कर दें कि यह मामला किसी क्रिकेट के खिलाड़ी (Cricket Player) से जुड़ा नहीं है। यहां हम दक्षिण अफ्रीका के पूर्व एथलीट और ब्लेड रनर ऑस्कर पिस्टोरियस की बात कर रहे हैं। उन्होंने 2013 में अपनी ही गर्लफ्रेंड को गलती से गोलियों से भून दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी। इतना ही नहीं इसके लिए ऑस्कर को 11 साल के लिए जेल की सजा काटनी पड़ी। आपको बता दें कि ऑस्कर पिस्टोरियस ने अपनी गर्ल फ्रेंड को गलती से चोर समझकर ताबड़तोड़ गोलियों से हमला कर दिया था।

गर्लफ्रेंड को समझा चोर

Oscar Pistoorius

दरअसल, 2013 में वेलेंटाइन्स डे के दिन ऑस्कर पिस्टोरियस अपने घर पर थे। तभी उन्हें बाथरूम से किसी की आवाज आयी, उन्हें लगा कि कोई चोर घर में घुस आया है। अंधेरे की वजह से वे कुछ देख नहीं पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने गन निकाली और बाथरूम की तरफ अंधेरे में ही एक के बाद बार गोलियों की बरसात कर दी। मगर उस समय बाथरूम में उनकी गर्लफ्रेंड थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि ऑस्कर की गर्लफ्रेंड रीवा पेशे से एक मॉडल थी।

दुनिया के लिए थे हीरो

Oscar Pistoorius

इस विवाद में फंसने से पहले ऑस्कर पिस्टोरियस दुनिया के लिए एक हीरो थे। उन्होंने महज सवा साल की उम्र में एक बीमारी के चलते अपने दोनों पैर खो दिए थे। मगर उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और कृत्रिम पैर लगाकर पैरालिम्पिक में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 6 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी काबिलियत साबित की। वहीं, 2012 के लंदन ओलिंपिक में उन्होंने नकली पैरों के साथ हिस्सा लिया। ऐसा करने वाले वो दुनिया के पहले एथलीट थे।