टॉयलेट में जाना मानव जीवन का महत्वपूर्ण काम है। साथ ही टॉयलेट जाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि टॉयलेट में जाने के लिए हम एक प्रक्रिया का पालन करते है, जिसमे हमारे शरीर की गन्दगी बाहर निकल जाती है।
लेकिन कुछ लोगो को दिन को छोड़कर रात में बार-बार टॉयलेट जाने की आदत होती है, रात में पेशाब जाने की ये आदत आपके लिए घातक साबित हो सकती है।
रात में बार-बार टॉयलेट जाना
एक शोध से पता चला है कि रात में बार-बार टॉयलेट जाना एक प्रकार की बीमारी है, इसे स्लीप एपनिया के रूप में जाना जाता है। अगर व्यक्ति की नींद बार-बार खुलती है और बार-बार बाथरूम जाता है, जिसका मुख्य कारण नॉक्सुरिया नमक बीमारी है।

जब हम एकदम से उठते हैं तो एकदम से उठ जाने से आपकी मौत भी हो सकती है।जब हम रात को जागते हैं, तो हमारे दिमाग में रक्त नहीं पहुंच पाती है। और जब हम पेशाब करने जाते हैं तो हमारे एसीजी पैटर्न में परिवर्तन होता है। इसलिए, जब भी आप रात को उठे तो एकदम से बिल्कुल न उठे।
हमने कई बार किसी काम की वजह से या किसी अन्य कारण से यूरिन रोकने की कोशिश की होगी लेकिन जैसा की हम जानते है कि यूरिन के माध्यम से हमारी शरीर की असुद्धिया बाहर निकल जाती है। बता दे ऐसा करने से हमे कई प्रकार की स्वास्थ समस्या भी हो सकती है। आज हम आपको All Ayurvedic के माध्यम से बताएंगे यूरिन रोकने से होने वाले नुकसान के बारे में…
यूरिन रोकने से होने वाले नुक़सान
किडनी फ़ैल होने की संभावना : दोस्तों यदि यूरिन को लम्बे समय तक रोक कर रखा जाये तो इससे सीधे किडनी पर असर पड़ता है | अथवा ऐसा करने पर किडनी फ़ैल होने की संभावना भी हो सकती है।
यूरिन इन्फेक्शन होना : अगर आप भी इस तरह की भूल कर रहे है तो आज से ही सावधान हो जाये क्योंकि ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से यूरिन इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है जिसमें कई बार ब्लीडिंग और दर्द की समस्या देखी जा सकती है।
स्टोन बनने का खतरा : यदि कोई व्यक्ति यूरिन को ज्यादा समय तक रोक कर रखता है तो उसे किडनी में स्टोन बनने का खतरा हो सकता है।
ब्लैडर में सूजन आना : लम्बे समय तक यूरिन को रोकने से व्यक्ति को ब्लैडर में सूजन का सामना भी कर सकता है और इस दौरान व्यक्ति को दर्द का सामना भी करना पड़ता है
पेशाब में से आ रही है बदबू तो हो सकती है यह बीमारी
मूत्र त्यागना जीवों की स्वाभाविक क्रिया है। जिसके द्वारा शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। एक स्वस्थ मनुष्य के पेशाब का रंग हल्का पीला होता है तथा उसमे से हल्की बदबू आती है। लेकिन कभी-कभी बहुत कम पानी पीने से या देर से पेशाब करने पर पेशाब का रंग गाढ़ा पीला हो जाता है। इसमे घबराने जैसी कोई बात नही है।
शरीर के विषाक्त पदार्थ पसीने और पेशाब के जरिये शरीर से बाहर जाते हैं। इसलिए जब भी आप बाथरूम जाते होंगे पेशाब से हल्की बदबू आती ही होगी। लेकिन जब पेशाब से अजीब तरह की बदबू आने लगे तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। क्योंकि यह आपके शरीर के अंदर के टॉक्सिंस नहीं हैं बल्कि यह शरीर की किसी गंभीर समस्या की तरफ इशारा करते हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि किन-किन कारणों से पेशाब से अजीब तरह की बदबू आती है।
यदि पेशाब से अजीब सी दुर्गंध आने लगे तो सतर्क हो जाना चाहिए। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है । ऐसे में किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए । वैसे तो पेशाब से दुर्गंध आना के अनेक कारण हो सकते हैं । लेकिन कुछ मुख्य कारण यह भी हैं।
पेशाब/मूत्र (Urine) बदबू आने के कारण
अधिक मसालेदार खाना हो या फिर खाने में प्याज, लहसुन, आदि का अधिक सेवन करने से से भी पेशाब बदबूदार हो जाता है। अगर आप एल्कोहल का सेवन करते हैं तो इसकी दुर्गंध आपके पेशाब से आयेगी।
शरीर में पानी की कमी से, जिसको डिहाइड्रेशन भी कहते हैं। इसलिए एक स्वस्थ मनुष्य को दिन भर में 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। शरीर के लिए पानी बहुत ही जरूरी है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में पानी होता है चाहे वह हड्डी ही क्यों न हो। हमें नियमित रूप से 10 से 12 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन जरूरत के अनुसार यह मात्रा कम या अधिक भी हो सकती है।
आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं इसकी पहचान आप अपने पेशाब के रंग से जा सकते हैं, अगर पेशाब का रंग सामान्य है तो आप पानी पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं। लेकिन अगर पेशाब का रंग पीला है और इससे बदबू भी आ रही है तो समझ जायें कि आपके अंदर पानी की कमी है।
डायबिटीज के कारण ऐसा किडनी से अधिक मात्रा में शुगर के स्त्राव होने से होता है । मधुमेह ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाये तो जीवनभर साथ निभाती है। मधुमेह ब्लड में शुगर की मात्रा अधिक होने से होती है। मधुमेह का संकेत देने वाले लक्षणों में से एक लक्षण यह भी है।
किडनी से जब अधिक मात्रा में शुगर का स्राव होने लगता है तब अजीब बदबू आने लगती है। यह मधुमेह का इशारा है इसे समझें और तुरंत इसका उपचार करायें।
महिलाओं के गर्भवती होने के कारण, जिसके बारे में महिलाओं को शुरू मे पता नहीं लगता । इसलिए प्रैग्नेंसी की जांच अवश्य करानी चाहिए।
महिलाओं द्वारा गु.प्तांगों की ठीक प्रकार से साफ-सफाई न करने से ऐसे मे गु.प्तांगों में इंफैक्शन हो सकता है जो धीरे-धीरे बढ़कर ओवेरियन कैंसर का रूप ले सकता है।
महिलाओं के ब्लैडर मे इंफैक्शन से जिससे पेशाब करने पर दुर्गंध के साथ जलन भी होती है ।
— Gazab Info (@gazabinfoblog) November 9, 2024