Himachali Khabar, Digital Desk- (Property Rules) कई लोग नौकरी के लिए अपने शहर छोड़कर बड़े शहरों में जाते हैं, जहां तुरंत घर खरीदना संभव नहीं होता. इस कारण वे किराए पर घर लेना पसंद करते हैं. किराए पर रहने की यह प्रवृत्ति बड़े शहरों में बढ़ती जा रही है, जिससे किराएदारों की संख्या निरंतर बढ़ रही है.
घर किराए पर लेने के लिए किरायेदार और मकान मालिक (tenant and landlord) के बीच में एक एग्रीमेंट साइन होता है. जिसमे घर और उससे जुड़ी शर्तें और नियम शामिल होते हैं. लेकिन, फिर भी कई बार मकान मालिक को डर होता है कि कहीं किराएदार उसका मकान न कब्जा ले.
आपने ऐसे कई किस्से सुने होंगे जहां किराएदार ने मकान मालिक के घर पर कब्जा कर लिया है. मकान मालिक (landlord rights) को अपना घर किराए पर देने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना उनकी एक गलती की वजह से किराएदार घर पर अपना कब्जा कर सकता है. आइए जानते हैं क्या है वो गलती…
मकान मालिक न करें ये गलती-
अक्सर रेंट एग्रीमेंट बनवाते वक्त मकान मालिक कुछ चीजों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं. मकान मालिक को सबसे पहले टेनेंट की पुलिस वेरिफिकेशन करनी चाहिए, फिर रेंट एग्रीमेंट (rent aggrement) में अपने नियम लिखने चाहिए. आमतौर पर रेंट एग्रीमेंट 11 महीने का बनवाना सही रहता है. अगर कोई किसी जगह पर लंबे समय तक किराए पर रह जाता है तो कुछ नियमों के तहत वो प्रॉपर्टी आपकी हो सकती है. इसे एडवर्स पोजेशन कहते हैं. फिर इस मामले में कोर्ट भी कुछ नहीं कर पाता है.
सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने भी कहा है कि अगर कोई किराएदार 12 साल तक किसी जगह पर रह जाता है तो वो उसपर अपना मालिकाना हक जता सकते हैं.
इन प्रॉपर्टी पर नहीं लागू होगा नियम-
आपको बता दें, एडवर्स पोजेशन (adverse possession) का नियम अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है. लेकिन, कुछ हालातों में ये नियम नहीं मान्य होता है. जैसे कि सरकारी जमीनों पर ये नियम मान्य नहीं है. यानी कोई अगर सरकारी फ्लैट में रहता है तो वो इस घर पर कब्ज़ा नहीं कर सकता है.
ऐसे बच सकते हैं-
अगर आप मकान मालिक हैं और अपनी प्रॉपर्टी (property) से संबंध नहीं तोड़ना चाहते हैं, तो किराए पर देने से पहले एग्रीमेंट बनवाना जरूरी है. एग्रीमेंट को 11 महीने के लिए बनवाएं, ताकि एक साल बाद आप किराएदार बदल सकें. इससे आपकी प्रॉपर्टी में कोई ब्रेक नहीं आएगा. इसके अलावा, आपको समय-समय पर अपनी प्रॉपर्टी का दौरा करते रहना चाहिए ताकि आप स्थितियों का जायजा ले सकें और आवश्यक सुधार कर सकें. यह आपकी संपत्ति की सुरक्षा में मदद करेगा.