ईरान के दरवाजे पर अमेरिका के 50000 सैनिक, ट्रंप के एक इशारे पर कर देंगे मटियामेट..

तेहरान. अमेरिका के करीब 50 हजार सैनिक ईरान को चारों तरफ से घेरे हुए है, जो डोनाल्ड ट्रंप का एक इशारा मिलते ही इस्लामिक देश की ईंट से ईंट बजाने का माद्दा रखते हैं. इसका खुलासा खुद ईरान ने ही किया है. इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक हाईलेवल कमांडर ने सोमवार को चेतावनी दी कि क्षेत्र में अमेरिकी फोर्सेस “कांच के घर” में बैठे हैं और उन्हें दूसरों पर “पत्थर नहीं फेंकना चाहिए.” आईआरजीसी के एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने ईद-उल-फितर के समारोह के दौरान सीधे तौर पर अमेरिका को खुली चेतावनी दी.

प्रेस टीवी के अनुसार, हाजीजादेह ने कहा, “अमेरिकियों के क्षेत्र में, विशेष रूप से ईरान के आसपास, 10 (सैन्य) ठिकाने हैं और इन ठिकानों में 50,000 सैनिक तैनात हैं. इसका मतलब है कि वे कांच के घर में बैठे हैं; और जब कोई कांच के घर में बैठा हो, तो वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकता.” हालांकि, इसका एक मतलब यह भी है कि ईरान खुद बारूद के ढेर पर बैठा है और ऐसे में उसे अमेरिका के खिलाफ ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए, जिससे कि वह भड़ककर आक्रामक रवैया अख्तियार कर ले.

आईआरजीसी के शीर्ष अधिकारी की टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को धमकी देने के बाद आई है. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर “नया समझौता” करने से इनकार करता है, तो उसे बमबारी का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने रविवार को कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है, तो उस पर बमबारी की जाएगी. उन्होंने एनबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में कहा. “अगर वे समझौता नहीं करते हैं, तो बमबारी होगी.” उन्होंने यह भी धमकी दी कि ईरान पर “सेकेंडरी टैरिफ” भी लगाए जाएंगे.

सोमवार को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक पोस्ट में, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने कहा कि ट्रंप की खुलेआम “बमबारी” की धमकी देश की वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अपमानजनक है. बाघाई ने लिखा, “ईरान के खिलाफ एक देश के राष्ट्रपति द्वारा ‘बमबारी’ की खुली धमकी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मूल तत्व के लिए एक चौंकाने वाला अपमान है.”

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