बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री का बॉयलर फटाः 18 मजदूरों की मौके पर मौत-देखकर दहल गये लोग..

Boiler of a firecracker factory exploded in Banaskantha: 18 workers died on the spot - people were shocked to see thisBoiler of a firecracker factory exploded in Banaskantha: 18 workers died on the spot - people were shocked to see this

अहमदाबाद। दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखे बनवाते थे। गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में मंगलवार सुबह 8 बजे पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों की मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। वहीं, 5 मजदूर मामूली रूप से घायल हैं।

फैक्ट्री डीसा तहसील के धुनवा रोड पर है। मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। विस्फोट के दौरान मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में 5 से 6 घंटे लगे।

2 दिन पहले ही मजदूरी के लिए आए थे हादसे के शिकार सभी मृतक और घायल मजदूर मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया गांव के रहने वाले हैं। फैक्ट्री से मिली जानकारी के मुताबिक सभी 2 दिन पहले ही मजदूरी के लिए यहां आए थे और पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। फिलहाल, मृतकों की पहचान की जा रही है।

विस्फोट से फैक्ट्री का मलबा 100 मीटर दूर तक फैल गया।
3 लोग 40 प्रतिशत से अधिक जल गए डीसा एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि घटना में घायल सभी लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल 3 लोगों का इलाज चल रहा है। ये 40 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे को लेकर प्रशासन की ओर से जांच जारी है।

पटाखे बेचने का लाइसेंस था, बनाने का नहीं दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखा बनवाते थे। हालांकि अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास केवल पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं, इसलिए स्थानीय पुलिस आगे की जांच में जुटी है।

घायल ने कहा- तेज धमाका हुआ और हम बेहोश हो गए दैनिक भास्कर की टीम ने पालनपुर के बनास मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजे गए विजय नाम के एक मजदूर से बात की। विजय ने कहा, ‘हम फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक ब्लास्ट हुआ। हमें पता ही नहीं चला कि आखिर क्या हुआ था, बहुत तेज धमाका हुआ और हम बेहोश हो गए। जब मैंने अपनी आंखें खोलीं तो मेरे चारों ओर आग थी। हम झुलसी हालत में ही किसी तरह फैक्ट्री से बाहर भागे।

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