High Speed Corridor : केंद्र सरकार देश में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूती के साथ काम कर रही है। कहीं पर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो कहीं पर रेलवे क्रॉसिंग तथा पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ देश के दो राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों के बीच 4 लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर केंद्र सरकार द्वारा 3589 करोड रुपए की धनराशि खर्च कर 526 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस कॉरिडोर को इकोनामिक कॉरिडोर का नाम दिया गया और इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। इस कॉरिडोर का निर्माण हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर की दूरी कम होने के साथ-साथ सफर भी आसान होगा।
दरअसल मध्य प्रदेश के भोपाल से लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर के बीच इस कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। कॉरिडोर का निर्माण हो जाने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर तय करने में 2 घंटे का समय लगेगा। जिससे वाहन चालकों को सफर तय करने में काफी आसानी होगी तथा फ्यूल खर्च भी बचेगा। इस कॉरिडोर का निर्माण हो जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। दोनों राज्यों की आर्थिक स्थिति को काफी मजबूती मिलेगी।
एमपी में बनेगी 360 किमी. सड़क
भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में मध्यप्रदेश में करीब 360 किमी. की सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसे एमपी में चार चरणों में पूरा किया जाएगा। एमपी में मार्ग छतरपुर के सतई घाट से उत्तर प्रदेश के कैमाहा तक सड़क बनाई जाएगी जहां से करीब 165 किमी दूर कानपुर को जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर भोपाल से विदिशा ग्यारसपुर सागर और छतरपुर के सतई घाट तक जाएगा। पूरी तरह से घाट से उत्तर प्रदेश के कैमाहा और फिर कानपुर तक बनाया जाएगा। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में छतरपुर से गुजरने वाला सागर-कबरई हाइवे भी शामिल है।
2026 तक बनाने का लक्ष्य
जनवरी 2023 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस इकॉनामिक कॉरिडोर की घोषणा की थी। अभी भोपाल और कानपुर के बीच 2 लेन रोड है। इसे फोर लेन किया जाएगा जिससे सड़कें चौड़ी हो जाएंगी और यातायात सुगम होगा। भोपाल-कानपुर चार लेन से दोनों शहर की दूरी बहुत कम नहीं होगी लेकिन सड़क सपाट होने से यात्रा के दौरान करीब दो घंटे का समय बचेगा। 2026 तक कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।