हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा का बयान, संघ मुख्यालय एवं स्मृति मंदिर में जाना मेरे लिए भी सदैव ऊर्जा और प्रेरणादायक रहा


Himachali Khabar

हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं हलोपा के अध्यक्ष गोपाल कांडा नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुख्यालय पहुंचे। गोपाल कांडा मुख्यालय स्थित स्मृति मंदिर भी गए और संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने द्वितीय सरसंघचालक श्री माधव सदाशिव गोलवलकर को भी श्रद्धांजलि की अर्पित।

Statement of Halopa Supremo Gopal Kanda, Visiting Sangh Headquarters and Smriti Mandir has always been energizing and inspiring for me too
 गोपाल कांडा ने स्वर्गीय डॉक्टर हेडगेवार और श्री गोलवलकर जी को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। साथ ही अपने पिता स्व. बाबू श्री मुरलीधर कांडा एडवोकेट के वर्ष 1926 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में शामिल होकर ताउम्र स्वयं सेवक के रूप में दी गई सेवाओं को भी याद किया। गोपाल कांडा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौरवशाली यात्रा के 100 वर्ष अद्भुत और प्रेरणादायक है। 

मानवीय मूल्यों, व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र सेवा की नींव डॉक्टर हेडगेवार ने संघ की स्थापना के साथ रखी थी। कांडा ने कहा कि संघ मुख्यालय एवं स्मृति मंदिर पहुंचना उन्हें  ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्मृति मंदिर पहुंच कर  संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गोलवलकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करना मेरे लिए बेहद भावुक कर देने वाला क्षण है।  संवैधानिक पद पर सुशोभित होने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक समर्पित स्वयं सेवक का भाव लेकर स्मृति मंदिर पहुंचे वो काफी भावपूर्ण है। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी भी संघ मुख्यालय पहुंचे थे। 

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पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के अनुज एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने भी अपने पिता को स्मरण करते हुए कहा कि डॉक्टर हेडगेवार से प्रेरणा प्राप्त कर स्व.श्री मुरलीधर जी कांडा एडवोकेट वर्ष 1926 में संघ में शामिल हुए थे। उन्होंने स्वयं को संघ और मां भारती की सेवा में समर्पित किया। कांडा ने संघ की एक शताब्दी की यात्रा और इस दौरान स्वयं सेवकों की कुर्बानियों , सामाजिक कार्यों की को अनुसरणीय बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय बाबू मुरलीधर कांडा ने संघ की गतिविधियों एवं शाखाओं में सम्मिलित होते हुए केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर गौ हत्या विरोधी आंदोलन में भी समर्पित सेवाएं दी।

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