नई दिल्ली: बचपन में आपने भी अपने घरवालों से कई ऐसी बातें सुनी होंगी, जिनका बड़े होने के बाद आपको अहसास हुआ होगा कि वे सब सच नहीं थीं। वहीं ऐसे ही कुछ मिथक होते हैं, जो बचपन में हमें डराने या समझाने के लिए कहे जाते हैं। एक ऐसा ही मिथक है कि अगर गलती से कोई बीज व्यक्ति के पेट में चला जाए, तो पेट में पेड़ उग आता है। हालांकि ये तो सभी जानते है कि इस बात में बिलकुल भी सच्चाई नहीं है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों नहीं होता? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं इस तथ्य के पीछे की क्या सच्चाई है.
पेट में क्यों नहीं उगता पेड़
बता दें, यह सब बातें माता-पिता द्वारा बच्चों को इसलिए बताई जाती है ताकि वे फलों को अच्छे से चबाकर खाएं और उन्हें बिना चबाए न निगलें। वहीं अगर कोई बीज हमारे पेट में चला भी जाए, तो वह छोटे टुकड़ों में टूट जाएगा और उससे कोई नुकसान नहीं होगा। पेट में पौधा उगने की बात इसलिए भी गलत है क्योंकि वहां वह सभी परिस्थितियां मौजूद नहीं होतीं जो बीज के अंकुरण के लिए जरूरी हैं, जैसे प्रकाश, ऑक्सीजन और पोषक तत्व। पेट का एसिड भी अंकुरण की प्रक्रिया को रोक देता है। मानव शरीर में पाचन तंत्र होता है जो भोजन को तोड़कर उसे अवशोषित करता है, जिससे बीज भी टूट जाते हैं और पौधा नहीं उगता। इसके अलावा, बीज को अंकुरित होने के लिए समय की आवश्यकता होती है, जबकि मानव शरीर में भोजन कुछ घंटों में ही पच जाता है।
फेफड़ों में उगा पौधा
हालांकि, मेडिकल इतिहास में ऐसा एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें पेट में तो नहीं, लेकिन फेफड़ों में बीज अंकुरित हो गया था। यह घटना यूनाइटेड स्टेट्स के मैसाचुसेट्स से आई थी। जानकारी के अनुसार, एक रिटायर्ड टीचर को सांस लेने में समस्या हो रही थी और जब वह डॉक्टर के पास गए और उनका फेफड़ों का स्कैन किया गया, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। जांच में पता चला कि उनके फेफड़ों में एक मटर का पौधा पनप रहा था, जिसे बाद में डॉक्टर ने ऑपरेशन करके निकाल लिया।
ये भी पढ़ें: