Eid Ul Fitr 2025: देश में आज ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया जा रहा है।अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अता करने का समय अलग-अलग निर्धारित है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने ईद की मुबारकबाद दी है। उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक लगाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सभी को ईद की शुभकामनाएं दी हैं।
क्या बोले सीएम योगी
सीएम योगी ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक हैंडल से लिखा है कि ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। ईद-उल-फ़ित्र का त्योहार खुशी और मेल-मिलाप का संदेश लेकर आता है। खुशियों का यह त्योहार सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ ही, आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ाता है। यह पर्व अमन-चैन और सौहार्द का संदेश देता है। इस पर्व पर सभी को सद्भाव तथा सामाजिक सौहार्द को और सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए।
#UPCM @myogiadityanath ने ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईद-उल-फ़ित्र का त्योहार खुशी और मेल-मिलाप का संदेश लेकर आता है।
खुशियों का यह त्योहार सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ ही, आपसी भाईचारे की भावना को…
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 30, 2025
यूपी में सड़क पर नमाज से रोक
बता दें कि सीएम योगी ने अपने पर्सनल एक्स हैंडल से ईद की शुभकामनाएं नहीं दी हैं। सीएम योगी के ट्वीट पर यूजर्स कमेंट्स कर रहे हैं कि यूपी में ईद मनाने का परमिशन मिल गया है? एक ने लिखा है कि उनकी हिंसा की जगह पर सद्भाव की जरूरत है? मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक के बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। यूपी सरकार के सख्त हिदायत के बाद अगर किसी ने मेरठ में सड़क पर नमाज पढ़ी तो उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा। संभल में तो घर की छतों पर नमाज पढ़ने से रोक लगाई गई है।
क्यों खास है ईद की नमाज
ईद की नमाज ईद का एक अहम हिस्सा है। सामूहिक रूप से अदा की जाने वाली इस खास नमाज में दो रकात (प्रार्थना की इकाइयां) होती हैं, जिसके बाद इमाम द्वारा खुतबा (उपदेश) दिया जाता है। इस उपदेश में धार्मिक और सांसारिक विषयों को दो भागों में शामिल किया गया है।