गर्मी का असर बढ़ने लगा है। दिल्ली एनसीआर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री तक पहुंच गया है। ये तापमान सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक था। आने वाले सप्ताहांत में तापमान और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री या उससे अधिक का तापमान अगले सप्ताह की शुरुआत में दर्ज किया जा सकता है। 07 से 10 अप्रैल के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के निचले स्तर से ऊपर जा सकता है। 09 और 10 अप्रैल को बहुत हल्की बूंदाबांदी होने की उम्मीद
अप्रैल महीने में 40 डिग्री तापमान सामान्य
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल के माह में दिल्ली का तापमान का 40 डिग्री या उससे अधिक तक पहुंचना कोई असामान्य घटना नहीं है। पिछले 20 सालों (2005 से अब तक) में केवल एक बार 2012 में अप्रैल की माह में तापमान 40 डिग्री का स्तर तक नहीं पहुंचा था। अप्रैल 2012 एक विशेष साल था, जब पूरे माह में सबसे अधिक तापमान 38.7 डिग्री ही रहा, जो 4 अप्रैल को दर्ज किया गया था। आमतौर पर, अप्रैल का आखिरी सप्ताह सबसे गर्म होता है, लेकिन 2012 में ऐसा नहीं हुआ।
पिछले 20 सालों में 11 बार अधिकतम तापमान 42 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया और 3 बार तापमान 43एष्ट को पार कर गया। अप्रैल महीने का अब तक का सर्वाधिक तापमान 45.6 डिग्री रहा है, जो 29 अप्रैल 1941 को दर्ज हुआ था।
पश्चिमी विक्षोभ और तापमान पर प्रभाव
एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ियों से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से वीरवार शाम दिल्ली के आसपास हल्की बादल छा सकते हैं। शुक्रवार को 4 अप्रैल और परसों 5 अप्रैल को सतही हवाएं तेज़ रहेंगी, इससे इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री के पार नहीं जाएगा। वहीं, 06 अप्रैल के बाद निचले स्तर की हवाएं धीमी हो जाएंगी। इसी के साथ ही, 08 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के हिस्सों में पहुंचेगा। इससे तापमान तेजी से बढ़ेगा और 07 से 10 अप्रैल के बीच यह 40 डिग्री को पार कर सकता है। हालांकि, 09 और 10 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी संभावित है, लेकिन यह गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए काफी नहीं होगी।
दूसरे हिस्से में बढ़ेगी गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल के दूसरे हिस्से में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जाएगा। तापमान लगातार ऊँचे स्तर पर बना रहेगा और गर्म हवाएँ (लू) चलने की संभावना रहेगी। इसलिए, अप्रैल की दूसरे भाग में लोगों को तेज धूप और गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।