आंसुओं को रोकना पड़ सकता है भारी, सेहत को होता है नुकसान, जाने रोने के 4 फायदें ☉

हम सभी हमेशा हंसते रहना चाहते हैं। रोना कोई भी नहीं चाहता है। खासकर मर्द तो आंसू बहाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंसू बहाने से शरीर को कई सारे फायदें मिलते हैं। अब तक आप सभी ने हंसने के फ़ायदों के बारे में खूब सुना होगा। लेकिन रोने के भी अपने अलग लाभ हैं। आज हम उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं।

आंसुओं को रोकना पड़ सकता है भारी, सेहत को होता है नुकसान, जाने रोने के 4 फायदें ☉

टॉक्सिक पदार्थ बाहर करते हैं आंसू तनाव में रहने के कारण शरीर में कई तरह के टॉक्सिन उत्पन्न हो जाते हैं। अब यदि इन टॉक्सिन को शरीर से बाहर न निकाला जाए तो ये बॉडी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए तनाव में होने पर यदि रो लिया जाए और थोड़े आंसू बहा लिए जाए तो ये टॉक्सिन धीरे-धीरे शरीर से बाहर निकल जाते हैं। इसका एक फायदा ये भी होता है कि आपका तनाव कम हो जाता है।

अच्छी नींद देते हैं आंसू एक रिसर्च के अनुसार रोने के बाद बहुत अच्छी और गहरी नींद आती है। आप ने बच्चों को देखा होगा। वे रो रो कर सो जाते हैं। जब ऐसा होता है तो वह बहुत ही शांति से सोते हैं। दरअसल हमारे रोने से दिमाग शांत हो जाता है। उसके अंदर जितनी भी खलबली मच रही होती है वह सब शांत हो जाती है। बस यही वजह है कि आंसू बहाने के बाद बड़ी अच्छी नींद आती है।

तनाव से मुक्ति देते हैं आंसू तनाव में होने पर दिमाग में भारीपन लगता है। लेकिन जब आप रो लेते हैं तो हल्का महसूस करते हैं। कुछ आंसू बहाने के बाद आपको अच्छा महसूस होता है। आपका तनाव भी खत्म हो जाता है। रोने से बॉडी में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन नामक केमिकल का स्त्राव होता है। यह आपका मूड अच्छा कर देते हैं। इसलिए अगली बार तनाव या भारीपन महसूस करें तो कुछ आंसू बहाना न भूलें।

आंखों की सफाई करते हैं आंसू वातावरण प्रदूषण और लैपटॉप, स्मार्टफोन, टीवी इत्यादि का हमारी आँखों पर बुरा असर पड़ता है। यदि आप थोड़ा रो लेते हैं तो आपकी आँखों की अच्छे से सफाई हो जाती है। प्रदूषण का असर भी कम हो जाता है। इसके अलावा आंखों में तरलता भी बनी रहती है। ये सभी चीजें आँखों की अच्छी सेहत के लिए जरूरी होती है।

अब अगली बार आपको रोना आए तो अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश न करना।बल्कि खुलकर और जी भरकर रोना। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं।इससे आपको ही फायदा मिलेगा।खासकर मर्द भी महिलाओं की तरह रो सकते हैं।इसमें कुछ गलत या शर्मिंदगी की बात नहीं है।आखिर आप भी एक इंसान हैं।आपके अंदर भी कुछ इमोशन्स हैं।