
Indian Stock Market: आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% करने से शेयर बाजार टूटा. सेंसेक्स 300 पॉइंट फिसला और निफ्टी 22,500 के नीचे आया. जानिए आपके पोर्टफोलियो पर इसका क्या असर होगा.
Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार की सुबह सुस्ती के साथ शुरुआत हुई. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और कड़े मौद्रिक रुख (calibrated tightening) के ऐलान के बाद निवेशकों का मूड खराब हो गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 335 से ज्यादा पॉइंट फिसल गया, जबकि निफ्टी 116 अंक टूटकर 22,500 के अहम स्तर से नीचे आ गया.
बाजार का हाल: कितना गिरा कौन-सा इंडेक्स?
गुरुवार सुबह निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 22,599.05 पर खुला और थोड़ी देर में ही 0.51% की कमजोरी के साथ 22,487.05 के स्तर पर आ गया. वहीं सेंसेक्स 72,668 पर खुलकर 0.46% टूटकर 72,303.45 पर कारोबार करने लगा.इंडेक्सपिछला बंदआज का स्तरगिरावटनिफ्टी (Nifty 50) 22,603.0522,487.05-116.00 (-0.51%)सेंसेक्स (Sensex) 72,638.7072,303.45-335.25 (-0.46%)
किन शेयरों में रही तेजी और कौन से टूटे?
बाजार की इस गिरावट में सेक्टर आधारित अलग-अलग रुझान देखने को मिला:
- मजबूती वाले सेक्टर्स:
निफ्टी आईटी (Nifty IT) 1.93% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद टेलीकॉम सेक्टर 1.39% चढ़ा. - दबाव वाले सेक्टर्स:
रियलिटी और फाइनेंस सर्विसेज सेक्टर्स में 1% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
टॉप गेनर्स और लूजर्स:
- हरे निशान में:
TCS, टेक महिंद्रा, HCL टेक, इन्फोसिस, सन फार्मा, टाइटन, ट्रेंट, सिप्ला, HDFC लाइफ, और भारती एयरटेल. - लाल निशान में:
एसबीआई लाइफ, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, बीईएल, अडानी पोर्ट्स, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और एलएंडटी.
कमोडिटी मार्केट की बात करें तो ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 102.34 डॉलर प्रति बैरल और क्रूड ऑयल 89.81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था.
बाजार क्यों गिरा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शेयर बाजार में गिरावट के पीछे ये मुख्य कारण हैं:
- RBI का रेपो रेट बढ़ाना:
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. और बाजार विश्लेषक विपिन दीसेना के अनुसार, आरबीआई द्वारा रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% करने और अपना रुख ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ करने से बाजार पर दबाव बढ़ा है. - विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली:
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. - कमजोर रुपया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड:
रुपया दबाव में है और अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी Yield लगातार ऊंची बनी हुई है.
निवेशकों को अब आगे क्या ध्यान रखना चाहिए?
बाजार विश्लेषक विपिन दीसेना के अनुसार, शेयर बाजार अब Q2 नतीजों के दौर में प्रवेश कर रहा है, जिसकी शुरुआत आज TCS के नतीजों से हो रही है.
- सपोर्ट लेवल:
निफ्टी के लिए 22,500–22,400 का स्तर एक तात्कालिक सहारा (Support Zone) है। अगर यह टूटता है, तो निफ्टी 22,200 तक नीचे जा सकता है. - रेजिस्टेंस लेवल:
ऊपर की तरफ 22,800 बड़ा रोड़ा है। इसके ऊपर मजबूती से टिकने पर ही निफ्टी 23,000 की तरफ बढ़ सकता है.



