दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली के चलते देश का प्रमुख शेयर बाजार इंडेक्स कोस्पी 724.37 अंक यानी 10.73% गिरकर 6,031.38 पर पहुंच गया. हालात इतने बिगड़ गए कि एक्सचेंज को 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस गिरावट का असर सिर्फ दक्षिण कोरिया तक नहीं रहा. जापान का निक्केई 225 और ताइवान का Taiex इंडेक्स भी 4% से ज्यादा टूट गए. बाजार में आई इस हलचल के पीछे तीन बड़ी वजहें सामने आई हैं.

AI सेक्टर को लेकर निवेशकों की सोच बदली
पिछले कुछ समय से दुनिया भर में AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी. लेकिन अब निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या AI पर इतना बड़ा निवेश लंबे समय तक जारी रह पाएगा.इसी बीच दुनिया की बड़ी चिप कंपनी एनवीडिया ने 75 हजार करोड़ डॉलर की AI इंफ्रास्ट्रक्चर डील की, लेकिन इसके बाद भी कंपनी के शेयर दबाव में रहे. इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई. यूनियन बैंकेयर प्रिवी के मैनेजिंग डायरेक्टर VeySern Ling का कहना है कि पहले निवेशक AI से जुड़ी हर खबर को खरीदारी का मौका मान रहे थे, लेकिन अब वही लोग छोटीसी नकारात्मक खबर पर भी तेजी से शेयर बेच रहे हैं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
चीन की बढ़ती ताकत ने बढ़ाई चिंता
बाजार पर दबाव बढ़ाने की दूसरी बड़ी वजह चीन से आई खबर रही. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की एक सरकारी कंपनी ने कुछ खास तरह की चिप बनाने वाली मशीनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि शंघाई की एक कंपनी अब DUV लिथोग्राफी मशीनें बना रही है. इससे दुनिया की बड़ी चिप मशीन निर्माता कंपनी ASML Holding की बिक्री पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. इसके अलावा चीन की ChangXin Memory Technologies की तेज़ बढ़त ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. इसी वजह से दुनिया भर की सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तेज हो गई.
सैमसंग और SK Hynix ने बाजार को नीचे खींचा
दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा दबाव दो बड़ी कंपनियों के शेयरों से आया. SK Hynix का शेयर करीब 10% टूट गया. वहीं Samsung Electronics के शेयर 9.15% तक गिर गए. SK Hynix के अमेरिकी ADR भी अपने शुरुआती ऑफर प्राइस से नीचे रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गए, जिससे निवेशकों की घबराहट और बढ़ गई. इन दोनों कंपनियों की कोस्पी इंडेक्स में हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है. ऐसे में इनके शेयर गिरते ही पूरा बाजार तेजी से नीचे आ गया.



