Pilibhit News: कहते हैं इश्क इंसान से वो सब भी करवा लेता है जिसे इंसान कभी सोच भी नहीं सकता. लेकिन पीलीभीत के एक मामूली चपरासी ने तो इश्क के नाम पर सरकारी खजाने को ही लूट लिया. तीन पत्नियां, कई प्रेमिकाएं, महंगे फ्लैट, जमीनें और लग्जरी लाइफस्टाइल, सब कुछ सरकारी पैसे से. शिक्षा विभाग के DIOS कार्यालय में तैनात चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने करीब 8 करोड़ रुपये की बेहिसाब हेराफेरी कर डाली.

कहने को इल्हाम चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था, लेकिन उसके ठाठबाट किसी बड़े रईस से कम नहीं थे. जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के लिपिक पद पर रहते हुए उसने DIOS कार्यालय में अच्छी पैठ बना ली. ट्रेजरी ऑफिस की बारीकियों को अच्छे से जानने वाले इल्हाम ने फर्जी बेनेफिशियरी आईडी बनाकर सरकारी फंड को अपने और अपनों के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. उसने 53 अलगअलग संदिग्ध खातों में 98 ट्रांजेक्शन के जरिए 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का खेल खेला.
अकेले अपनी एक पत्नी अर्शी खातून के खाते में ही 1 करोड़ 1 लाख रुपये से ज्यादा भेजे गए. बाकी पैसे उसकी अन्य पत्नियों और प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने में लग गए. फ्लैट खरीदे, जमीनें खरीदीं और अय्याशी का साम्राज्य बसाया.
सात महिलाओं को किया अरेस्ट
सितंबर 2024 से चल रहे इस बड़े घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी की सात महिला मददगारों को गिरफ्तार कर लिया गया. इनमें शामिल हैं, लुबना, फातिमा, परवीन खातून, आशकारा परवीन, अजारा खान, नाहिद और आफिया खान. इल्हाम की पत्नी अर्शी खातून पहले ही जेल में है. एडिशनल एसपी विक्रम दहिया के मुताबिक, पुलिस ने इन खातों में मौजूद 5 करोड़ 50 लाख 54 हजार 594 रुपये को फ्रीज करा दिया है. अब पूरी जांच चल रही है कि इस सिंडिकेट में और कौनकौन शामिल था. फर्जी आईडी और वेतन बिलटोकन जनरेशन के जरिए किए गए इस घोटाले ने विभाग की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रंगीन मिजाज की महंगी कीमत
इल्हाम शम्सी की कहानी अब फिल्मी स्क्रिप्ट लग रही है. एक साधारण चपरासी कैसे इतने बड़े घोटाले का मास्टरमाइंड बन गया, यह जांच का विषय है. लेकिन इतना तय है कि प्यार के नाम पर उसने सरकारी खजाने को खूब लूटा. अब देखना यह है कि बाकी बचे पैसे की कितनी वसूली हो पाती है और इस पूरे खेल में और कितने खिलाड़ी सामने आते हैं. पुलिस का कहना है कि सरकारी धन की एकएक पाई का हिसाब लिया जाएगा और इस मामले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.



