हार्ट अटैक को लेकर अगर गलत जानकारी हो तो सिचुएशन जान जाने की भी बन जाती है. इस का सबसे बड़ा लक्षण सीने में दर्द है. पर क्या आप जानते हैं कि बिना सीने में दर्द के भी दिल का दौरा आ सकता है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। एक्सपर्ट से जानें सबकुछ…

दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत डॉक्टरी इलाज की जरूरत पड़ती है. सीने में दर्द से इसका पता चलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना सीने में दर्द के भी दिल का दौरान आ सकता है. ये सिचुएशन बेहद खतरनाक होती है. एक्सपर्ट से जानें…

एक्सपर्ट ने क्या कहा डॉ. अमर सिंघल का कहना है कि हां बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है और यह स्थिति कई बार ज्यादा खतरनाक साबित होती है, क्योंकि लोग इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द की बजाय अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

नजर आते हैं ये लक्षण डॉक्टर बताते हैं कि इनमें अचानक सांस फूलना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, मतली या उल्टी होना, बेचैनी, जबड़े, गर्दन, पीठ या बाएं हाथ में दर्द या भारीपन जैसे लक्षण शामिल हैं. कई लोग इसे गैस, कमजोरी या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है.

देरी पड़ती है भारी उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के ये लक्षण अचानक महसूस हों और कुछ मिनटों तक बने रहें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. हार्ट अटैक में समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है, क्योंकि जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचता है, उतनी ही ज्यादा हृदय की मांसपेशियों को नुकसान से बचाया जा सकता है. इसलिए सीने में दर्द न होने पर भी शरीर के इन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

खानपान का रखें ध्यान डॉक्टर कहते हैं कि भारतीयों में जंक फूड के बिना ज्यादातर लोगों का दिन पूरा नहीं होता. पर इस तरह का खानपान हमारी नसों में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाता है. एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल क्रिस्टल फॉर्म में नसों में जमता है. ऐसे में क्लॉटिंग होती है और ब्लड फ्लो बिगड़ने लगता है. ये हार्ट अटैक के बड़े कारणों में से एक है.