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झारखंड के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मामला सामने आया है. 33 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि अफीम की खेती के मामले में पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर पीटा, उल्टा लटकाया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया. महिला ने पुलिस पर जबरन बयान दर्ज कराने और 80 हजार रुपये जब्त करने का भी आरोप लगाया है. मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

महिला के मुताबिक, 5 अक्टूबर को वह अपने गांव बागनाडी महुआ के पास बकरियां चरा रही थी. इसी दौरान बरियातु थाने के प्रभारी अधिकारी प्रभात कुमार दास और अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे. महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर अफीम की खेती में शामिल होने का शक जताया और उसके साथ मारपीट की. शिकायत में दावा किया कि उसे पुलिस स्टेशन ले जाकर बांधा गया और उल्टा लटकाकर लाठियों से पीटा गया. उसने पुलिसकर्मियों पर गलत तरीके से छूने, मुंह में जबरन हरी मिर्च डालने और यौन उत्पीड़न करने के भी आरोप लगाए हैं.

महिला ने यह भी कहा कि रिहा करने से पहले उससे वीडियो रिकॉर्ड कराया गया और अफीम की खेती में शामिल होने की बात स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया गया. उसके मुताबिक, निर्देश के अनुसार बयान नहीं देने पर मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन वापस नहीं करने की धमकी दी गई. महिला ने घर से 80 हजार रुपये की बचत जब्त करने का आरोप भी लगाया है.

हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

महिला की शिकायत सामने आने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लातेहार पुलिस को मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने बरियातु थाने के प्रभारी प्रभात कुमार दास और कांस्टेबल मनीष कुमार राम को निलंबित कर दिया.पुलिस के मुताबिक, दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है. महिला और अन्य महिलाओं की ओर से दर्ज शिकायतों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल बनाया गया है. इन शिकायतों को गांव के प्रधान और मुखिया ने भी आगे बढ़ाया था.

फिलहाल महिला की ओर से लगाए गए मारपीट, यौन उत्पीड़न और जबरन बयान दर्ज कराने जैसे आरोपों की जांच जारी है. पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

पुलिस ने बताई अलग कहानी, NDPS नियमों के पालन में चूक भी मानी

दूसरी ओर, पुलिस ने घटना को लेकर अपना पक्ष भी रखा है. पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर को प्रभात कुमार दास को सूचना मिली थी कि महिला के पति मुकेश गंजू और एक अन्य व्यक्ति कथित तौर पर अफीम की अवैध बिक्री में शामिल हैं. इस सूचना की जांच और गिरफ्तारी के लिए बागनाडी महुआ के पास छापेमारी की गई थी.

पुलिस का दावा है कि महिला अपने पति और यादव नाम के एक अन्य व्यक्ति के साथ मौके पर मौजूद थी और उसके पास से कथित तौर पर अफीम मिली थी. पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान महिला ने कांस्टेबल मनीष कुमार राम का हाथ काट लिया और अफीम का एक पैकेट छीनकर यादव को दे दिया, जो वहां से फरार हो गया.

हालांकि, पुलिस ने छापेमारी की प्रक्रिया में चूक होने की बात भी स्वीकार की है. पुलिस के अनुसार, तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नहीं हुई, जबकि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसी मौजूदगी जरूरी थी.