शिमला। नशे का अवैध कारोबार अब केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा लोग भी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं। जिला शिमला से सामने आए एक ताजा मामले में पुलिस ने नशे की बड़ी खेप के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में एक युवक सरकारी कर्मचारी भी शामिल है, जिससे समाज में नशे की बढ़ती जड़ें उजागर होती हैं।
सुबह-सुबह मिली गुप्त सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत आते पुलिस थाना चिड़गांव की है। बता दें कि आज शुक्रवार को सुबह के समय गश्त पर थी। इसी दौरान करीब 7 बजे चिड़गांव बाजार में उन्हें किसी मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक वहां नशीले पदार्थों के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों युवकों को पकड़ लिया।
तलाशी में मिला चिट्टा और नशे का सामान
पुलिस ने जब युवकों की तलाशी ली तो उनके पास से 2.15 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके अलावा फॉइल पेपर, 20 रुपए के जले हुए नोट, सीरिंज और लाइटर भी मिले। इन सामानों से साफ जाहिर होता है कि युवक मौके पर नशा करने की तैयारी में थे या नशे का सेवन कर चुके थे।
आरोपियों की पहचान
- हरि सिंह उम्र 35 साल निवासी गांव राऊसी, जिला शिमला
- अर्जुन सिंह उम्र 28 साल निवासी गांव खशधार, जिला शिमला
- धर्मेंद्र सिंह निवासी गांव चिड़गांव, जिला शिमला
- कांत कुमार उम्र 35 साल निवासी गांव खशधार, जिला शिमाला के रूप में हुई है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं।
सरकारी कर्मचारी का नाम आने से बढ़ी चिंता
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी हरि सिंह जल शक्ति विभाग में कर्मचारी है। एक सरकारी कर्मचारी का इस तरह नशे से जुड़े मामले में पकड़ा जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा लोग भी नशे की लत में फंस रहे हैं, तो यह समाज के लिए बेहद गंभीर संकेत है।
पुलिस कर रही है गहराई से जांच
DSP रोहड़ू प्रणव चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह चिट्टा कहां से लाए थे।