पुणे के लोहगढ़ किले की ऊंचाइयों पर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने न केवल एक परिवार को झकझोर कर रख दिया, बल्कि समाज में विश्वास और रिश्तों की बुनियाद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 20 साल की सगाईशुदा युवती सिया गोयल ने अपने 26 वर्षीय मंगेतर केतन अग्रवाल को मौत के घाट उतारने के लिए जो साजिश रची, वह किसी फिल्म की पटकथा जैसी प्रतीत होती है। 18 जून को हुई इस घटना को शुरुआत में एक दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की सूक्ष्म जांच ने परतदरपरत उस सच्चाई को उजागर कर दिया, जो एक प्रेमी और प्रेमिका के बीच बुने गए नफरत के जाल में छिपी थी।

घटनाक्रम के अनुसार, सिया और केतन की सगाई फरवरी माह में हुई थी और नवंबर में जयपुर में उनका विवाह तय था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की योजना 18 जून की सुबह पुणे के एक कैफे में बनाई गई थी। सिया ने अपने 22 वर्षीय प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ मिलकर केतन को मारने का पूरा खाका तैयार किया था। सिया ने बड़ी चतुराई से केतन को लोहगढ़ किले पर जाने के लिए राजी किया, जो इससे पहले भी उसके द्वारा कई बार किए गए प्रयासों की एक कड़ी थी। 31 मई को दोनों वहां गए थे, और उसके बाद भी सिया ने बारबार जिद की थी। जून के मध्य में भी उसने उसे धक्का देने का प्रयास किया था, जिसे केतन ने एक झाड़ी को पकड़कर विफल कर दिया था, लेकिन तब सिया ने बहाने से उसे गुमराह कर दिया था।

18 जून को जब वे दोबारा लोहगढ़ पहुंचे, तो चेतन भी उनके पीछेपीछे किले पर पहुंच गया। भीषण गर्मी के बावजूद चेतन का हुडी पहनना और कान में हेडसेट लगाना जांचकर्ताओं के लिए पहला बड़ा सुराग बना। ट्रैकिंग के दौरान, जब सिया ने केतन को पीछे से धक्का देकर खाई में गिरा दिया, तो उसने इसे दुर्घटना साबित करने की पूरी कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उन्हें एक हुडी पहने व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। तकनीकी विश्लेषण और कॉल रिकॉर्ड्स ने इस मामले में बड़ा मोड़ ला दिया। यह पाया गया कि सिया और चेतन के बीच पिछले सात महीनों में 2,004 बार फोन पर बात हुई थी, जो लगभग 238 घंटे तक चली।

पुलिस पूछताछ में आरोपी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के बजाय केतन को रास्ते से हटाना चाहती थी, ताकि परिवार की प्रतिष्ठा पर कोई आंच न आए। केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब होना भी इसी बड़ी साजिश का एक हिस्सा था, ताकि उनकी विदेश यात्रा टाली जा सके। अंततः, तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दुखद घटना ने न केवल एक युवा की जान ले ली, बल्कि यह भी दर्शाया कि किस तरह एक सोचीसमझी साजिश रिश्तों की गरिमा को तारतार कर सकती है। लोहगढ़ की गहरी खाई में दफन हुआ यह सच अब कानून की दहलीज पर है, जहां आरोपियों को उनके किए की सजा मिलेगी।