एयर इंडिया को खराब बिजनेस क्लास सीट देने का मामला भारी पड़ गया है. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एयरलाइन को आदेश दिया है कि वह 73 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को बिजनेस क्लास टिकट का पूरा पैसा वापस करे. इसके साथ ही 20 लाख रुपये का मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी देना होगा. आयोग ने माना कि लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में खराब सीट उपलब्ध कराना उपभोक्ता के साथ सेवा में गंभीर कमी है.

क्या था पूरा मामला?

मेरठ के रहने वाले रिटायर्ड जस्टिस राजेश चंद्र और उनकी पत्नी ने नई दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को आनेजाने के लिए पहले इकोनॉमी क्लास के टिकट खरीदे थे. दोनों टिकटों की कीमत करीब 1.80 लाख रुपये प्रति व्यक्ति थी. हालांकि, जस्टिस चंद्र को 1978 से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और साइटिका की समस्या थी. स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने दोनों टिकट बिजनेस क्लास में अपग्रेड कराए और इसके लिए 1.23 लाख रुपये प्रति टिकट अतिरिक्त भुगतान किया.

22 सितंबर 2022 को सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली लौटते समय उन्हें बिजनेस क्लास की सीट नंबर 08D आवंटित की गई. उड़ान शुरू होने के बाद उन्हें पता चला कि सीट खराब है और पीछे की ओर झुक ही नहीं रही है. उन्होंने तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दी, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी सीट ठीक नहीं हो सकी.

दूसरी सीट भी नहीं मिली

जस्टिस चंद्र ने दूसरी सीट देने का अनुरोध किया, लेकिन केबिन क्रू ने बताया कि बिजनेस और फर्स्ट क्लास दोनों में कोई सीट खाली नहीं है. ऐसे में उन्हें करीब 15 घंटे की पूरी यात्रा खराब सीट पर ही करनी पड़ी. उनका कहना था कि इस वजह से उनकी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्या और बढ़ गई.

दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से इलाज कराना पड़ा. दवाइयों के साथ उन्हें बेड रेस्ट और फिजियोथेरेपी भी लेनी पड़ी.

शिकायत के बाद उपभोक्ता आयोग पहुंचे

यात्री ने पहले कैबिनेट सचिवालय के लोक शिकायत प्रकोष्ठ और फिर नागरिक उड्डयन मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.

16 जनवरी 2024 को राज्य आयोग ने एयर इंडिया को टिकट का पूरा पैसा लौटाने, 20 लाख रुपये मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया. इस फैसले के खिलाफ एयर इंडिया ने राष्ट्रीय आयोग में अपील की, जबकि जस्टिस चंद्र ने अधिक मुआवजे की मांग की.

NCDRC ने बरकरार रखा फैसला

12 जून 2026 को NCDRC ने उत्तर प्रदेश राज्य आयोग के फैसले को सही ठहराया. आयोग ने कहा कि एयर इंडिया ने बिजनेस क्लास का अतिरिक्त किराया लेने के बावजूद यात्री को उस श्रेणी की बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई. लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में खराब और न झुकने वाली सीट देना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है.

आयोग ने यह भी कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत दिया गया 20 लाख रुपये का मुआवजा उचित और परिस्थितियों के अनुरूप है. इसलिए न तो मुआवजे की राशि बढ़ाई गई और न ही एयर इंडिया की अपील स्वीकार की गई. दोनों अपीलों को खारिज करते हुए आयोग ने राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखा.