हिमाचल : घोटालों से की थी काली कमाई, 1012 पूर्व पंचायत प्रधानों की संपत्ति कुर्क कर होगी नीलामी!

5.12 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी बाकी

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पंचायतों से जुड़े पुराने ऑडिट रिकवरी मामलों को लेकर पंचायतीराज विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेश में 1012 पूर्व पंचायत प्रधानों से 5.12 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि की वसूली लंबित बताई गई है। विभाग ने इन मामलों को जल्द निपटाने के लिए जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बकाया राशि जमा न होने की स्थिति में संबंधित मामलों में संपत्ति कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

पंचायतीराज विभाग के अनुसार, पूर्व पंचायत प्रधानों से जुड़ी ऑडिट रिकवरी के मामलों में कुल 5 करोड़ 12 लाख 7 हजार 676 रुपये की राशि अभी वसूल की जानी है। विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव राघव शर्मा की ओर से जारी पत्र में विधानसभा की ग्रामीण योजना समिति के 22वें प्रतिवेदन का संदर्भ दिया गया है।

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समिति ने लंबित सरकारी राशि की वसूली में तेजी लाने और जरूरत पड़ने पर संबंधित पूर्व प्रधानों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी की प्रक्रिया अपनाने की सिफारिश की है। नीलामी से प्राप्त राशि को पंचायतों के विकास कार्यों में इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया गया है।

रिकवरी अभियान में अब तक प्रदेश के 701 पूर्व पंचायत प्रधानों से 76 लाख 9 हजार 664 रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। इसके बावजूद 1012 पूर्व प्रधानों से जुड़ी रिकवरी अभी लंबित है। जिलावार आंकड़ों में सिरमौर सबसे अधिक लंबित राशि वाले जिलों में शामिल है, जहां 257 पूर्व प्रधानों से करीब 1.76 करोड़ रुपये की वसूली बाकी बताई गई है।

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कांगड़ा जिले में भी विभाग ने लंबित मामलों की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला स्तर पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विभिन्न विकास खंडों में 68 पूर्व प्रधानों से करीब 1.33 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जानी है। वहीं जिले में 83 पूर्व प्रधानों से 10.43 लाख रुपये की राशि पहले ही वसूल किए जाने की जानकारी है। जिन मामलों में भुगतान बाकी है, उनमें संबंधित पूर्व प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं।

कांगड़ा जिले के अलगअलग विकास खंडों में भी रिकवरी की अलगअलग राशि सामने आई है। नूरपुर में 14 पूर्व प्रधानों से 3.32 लाख रुपये, रैत में पांच से 1.61 लाख और पालमपुर में दो पूर्व प्रधानों से 1.64 लाख रुपये की वसूली लंबित बताई गई है।

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इसी तरह नगरोटा सूरियां में छह पूर्व प्रधानों से 1.44 लाख रुपये, इंदौरा में चार से 1.11 लाख रुपये और नगरोटा बगवां में नौ पूर्व प्रधानों से 1.15 लाख रुपये की रिकवरी की जानी है। जिले के अन्य विकास खंडों में भी ऐसे मामले लंबित बताए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिकवरी मामलों में संबंधित पूर्व प्रधानों को पहले नोटिस देकर बकाया राशि जमा करवाने का अवसर दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा के अनुसार सभी जिला पंचायत अधिकारियों और बीडीओ को लंबित रिकवरी मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कांगड़ा के जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने बताया कि जिन पूर्व प्रधानों से राशि की वसूली बाकी है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल बकाया राशि की वसूली तक सीमित नहीं है। विधानसभा की ग्रामीण योजना समिति की सिफारिश के मुताबिक कुर्की या नीलामी की प्रक्रिया से यदि राशि प्राप्त होती है, तो उसे संबंधित पंचायतों के विकास कार्यों में लगाने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
अब देखना होगा कि नोटिस के बाद कितने मामलों में पूर्व प्रधान लंबित राशि जमा करते हैं और किन मामलों में विभाग को कुर्की अथवा नीलामी जैसी अगली कार्रवाई की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।