Ketan Agarwal Case Pune: पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस हिरासत में आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम राज उगले हैं. जांच में सामने आया है कि केतन की हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके लिए कई दिनों से सुनियोजित प्लानिंग की जा रही थी. वहीं, सिया ने ऐसा खुलासा किया है जो वाकई हैरान कर देने वाला है. सिया की मानें तो उसने केतन को सब कुछ बता दिया था कि वो शादी नहीं करना चाहती. फिर भी केतन नहीं मान रहा था.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया गोयल ने पूछताछ में बताया कि उसने और चेतन चौधरी ने पहले से संकेत तय किया था कि कब केतन को धक्का देना है. योजना के मुताबिक, जब वह केतन के सामने झुक जाएगी तो यह चेतन के लिए इशारा होगा कि वह केतन को खाई में धक्का दे दे. 18 जून को लोहगढ़ किले पर यही योजना अमल में लाई गई. जैसे ही चेतन दोनों के करीब पहुंचा, सिया झुक गई और चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया.

संदीप सिंह गिल एसपी पुणे ग्रामीण के मुताबिक, जांच में ये भी सामने आया है कि सिया इस पूरे हत्याकांड की कथित मास्टरमाइंड थी. पुलिस का दावा है कि उसने ही चेतन को हत्या के लिए उकसाया और लोहगढ़ ले जाने की पूरी योजना बनाई थी. इससे पहले 14 जून को भी केतन की हत्या का प्रयास किया गया था. उस समय धक्का देने के बाद केतन ने पेड़ पकड़कर अपनी जान बचा ली थी. बाद में सिया ने यह कहकर मामला संभालने की कोशिश की कि उसने सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था.

’31 मई को सिया केतन को ले गई थी डेथ प्वाइंट पर’

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए तीन अलगअलग प्लान तैयार किए थे. इसकी शुरुआत 31 मई को हुई, जब सिया पहली बार केतन के साथ लोहगढ़ किले पर गई थी. वहां, खाई के पास एक स्थान को कथित तौर पर ‘डेथ पॉइंट’ के रूप में चिन्हित किया गया था. इसके बाद 14 जून को पहला प्रयास असफल रहा तो 18 जून को दूसरा प्लान लागू किया गया. अगर तब भी केतन ना मरता तो तीसरा प्लान भी था सिया था उसे मारने का. पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि यह योजना भी नाकाम हो जाती तो केतन को सड़क दुर्घटना का शिकार बनाने की तैयारी थी.

पूछताछ में सिया ने यह भी दावा किया कि उसने केतन को अपने और चेतन के प्रेम संबंध के बारे में बताया था. उसने केतन से कहा था कि वह यह शादी नहीं करना चाहती और भाग जाना चाहती है. लेकिन केतन कथित तौर पर शादी तोड़ने के लिए तैयार नहीं था. सिया के मुताबिक, केतन उससे कहता था कि अब शादी नहीं टूट सकती और उसका परिवार इतना संपन्न है कि वह उसे कहीं से भी ढूंढ़ सकता है.

चेतन संग रिश्ते के खिलाफ था परिवार

सिया ने पुलिस को बताया कि उस पर परिवार की ओर से शादी का काफी दबाव था. परिवार का मानना था कि केतन एक अच्छे और संपन्न परिवार से है तथा उससे शादी करने पर उसकी जिंदगी सुरक्षित हो जाएगी. वहीं, चेतन की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था.

जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन दोनों नशे के आदी थे. पुलिस हिरासत में दोनों ने शराब सेवन की बात स्वीकार की है. सूत्रों के अनुसार, सिया ने 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. केतन के चाचा नरेश के मुताबिक, सिया के मातापिता उसकी कुछ आदतों को लेकर परेशान रहते थे और जल्द शादी कराकर उसकी जिंदगी स्थिर करना चाहते थे.

लोहगढ़ किले के प्रवेश द्वार पर तैनात गेटकीपर धीरज जाधव ने पुलिस को बताया कि हत्या वाले दिन चेतन चौधरी मास्क लगाकर और पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़ों में किले पर पहुंचा था. टिकट मांगने पर उसने कहा कि वह व्यायाम करने आया है और 25 रुपये का प्रवेश शुल्क देने से इनकार कर दिया. वहीं, सिया ने भी टिकट को लेकर बहस की और बाद में ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही.

दुकान में छोड़ आया था चेतन अपना फोन

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन हत्या के दिन अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर गया था और अपने एक कर्मचारी का मोबाइल साथ लेकर लोहगढ़ पहुंचा था. पुलिस ने उस मोबाइल की लोकेशन और संबंधित कर्मचारी के बयान भी दर्ज किए हैं.

केतन की मौत के बाद उसके परिवार को सिया पर शक होने लगा था. परिवार के मुताबिक, जब सिया शोक व्यक्त करने के लिए घर पहुंची और केतन की बहन ने उससे घटनाक्रम के बारे में पूछा तो उसका व्यवहार संदिग्ध लगा. इसके बाद परिवार ने उसके पुराने व्यवहार और लोहगढ़ जाने की बारबार की जिद को लेकर सवाल उठाने शुरू किए.

35 साल से एक दूसरे को जानते थे दोनों परिवार

केतन के दादा रामविलास अग्रवाल ने कहा कि गोयल परिवार से उनके संबंध करीब 35 वर्षों पुराने थे. दोनों परिवारों के बीच गहरा विश्वास था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी होने वाली बहू पर ही उनके पोते की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगेगा. पिता विशान ने कहा हमने अपने परिवार का इकलौता बेटा खो दिया है. उसकी कोई गलती नहीं थी. सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि हमारे बेटे को न्याय मिल सके. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां हत्या की पूरी साजिश, उसकी प्लानिंग और इसमें शामिल अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल में जुटी हैं.