Varanasi News: धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की प्राचीन नगरी काशी में शुक्रवार को देश की सबसे आलीशान और लग्जरी ट्रेनों में शुमार ‘महाराजा एक्सप्रेस’ बनारस रेलवे स्टेशन पहुंची. पटरियों पर दौड़ने वाले इस चलतेफिरते सात सितारा होटल की भव्यता और शाही अंदाज बनारस स्टेशन पर लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा. इस ट्रेन के अंदर का नजारा किसी आलीशान महल या राजप्रासाद से कम नहीं है. ट्रेन के डिब्बों को क्लासिक राजसी इंटीरियर और शानदार लग्जरी केबिन के साथ इस तरह डिजाइन किया गया है, जिससे यात्रियों को भारत के प्राचीन राजामहाराजाओं जैसा शाही अहसास मिलता है.

महाराजा एक्सप्रेस में सफर करने वाले देशीविदेशी सैलानियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेस्टोरेंट और बार की सुविधा मौजूद है. ट्रेन के दो प्रमुख और भव्य रेस्टोरेंट्स ‘मयूर महल’ और ‘रंग महल’ इसके सबसे बड़े आकर्षण हैं. राजसी मेहमाननवाजी: यहां यात्रियों को सोने और चांदी की परत वाले बेहद कीमती और खूबसूरत बर्तनों में लजीज व्यंजन परोसे जाते हैं, जो इसके राजसी अनुभव को दुनिया की अन्य ट्रेनों से अलग और अनोखा बनाते हैं.

आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी से भी लैस है यह ‘पैलेस ऑन व्हील्स’

हाईस्पीड वाईफाई व लाइव टीवी: यात्रियों के मनोरंजन और कनेक्टिविटी के लिए हर केबिन में वाईफाई और लाइव टीवी की सुविधा है.

मिनी बार व पर्सनल बटलर: हर केबिन में मिनी बार के साथसाथ 24 घंटे यात्रियों की सेवा में रहने वाला डेडिकेटेड स्टाफ उपलब्ध रहता है.

वर्ल्डक्लास हॉस्पिटैलिटी: बेहतरीन खानपान, भव्य इंटीरियर और पर्सनल अटेंशन के कारण इसे दुनिया की प्रीमियम टूरिस्ट ट्रेनों में गिना जाता है.

कितना है इस ‘शाही ट्रेन’ का किराया?

महाराजा एक्सप्रेस का सफर आम रेल यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के उन पर्यटकों के लिए है जो अल्ट्रालग्जरी टूरिज्म का अनुभव लेना चाहते हैं. ट्रेन का किराया यात्रा के रूट, चुनी गई अवधि , केबिन की कैटेगिरी और पैकेज के हिसाब से तय होता है.

उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विभिन्न टूर पैकेजों में इसका प्रति व्यक्ति किराया लगभग 7 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक होता है. अपनी इसी भव्यता और अनूठी सर्विस के कारण यह ट्रेन विदेशी पर्यटकों के बीच भारत भ्रमण के लिए पहली पसंद मानी जाती है.